कन्या भ्रूण हत्या का काला सच स्टिंग के जरिए दिखाने वाले न्यूज एक्सप्रेस चैनल का ऑपरेशन "असत्यमेव जयते" का असर सरकारी मशीनरी पर होने लगा है। दिल दहला देने वाले खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की नींद टूटी है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने इस ऑपरेशन को देखने के बाद मातहतों को तुरंत सख्त कदम उठाने का निर्देश 18 मई 2012 को दे दिया। ऑपरेशन असत्यमेव जयते के खुलासे से जब स्वास्थ्य मंत्री हिले, तो कुंभकर्णी नींद से अधीनस्थों का जागना मजबूरी थी।
आधी रात को ही गाजियाबाद प्रशासन ने न्यूज एक्सप्रेस चैनल के एडिटर क्राइम और ऑपरेशन "असत्यमेव-जयते" की टीम के प्रमुख संजीव चौहान से संपर्क साधा। गाजियाबाद जिला प्रशासन का कहना था कि मंत्री जी (उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन) उन जगहों पर छापामारी चाहते हैं, जहां ऑपरेशन "असत्यमेव-जयते" की टीम को लेकर दलाल गया था। जिस अल्ट्रासाउंड सेंटर पर ऑपरेशन असत्यमेव जयते टीम की गर्भवती महिला का भ्रूण परीक्षण किया गया था। 5500 रुपये वसूल कर दलाल राजकुमार उपाध्याय उर्फ बॉवी उर्फ मिश्राजी ने महिला के गर्भ में साढ़े चार महीने की लड़की होने की बात कही थी।
न्यूज एक्सप्रेस की टीम आधी रात को ही गाजियाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों की भारी-भरकम टीम को लेकर शालीमार गार्डन के उस अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहुंच गयी। मौके पर रखवाली करता एक चौकीदार मिला। गाजियाबाद प्रशासन की टीम ने अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। उधर दिल्ली में दिल्ली सरकार का परिवार कल्याण निदेशालय भी जांच में जुटा है। इस जांच टीम को खुद निदेशालय के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र कुमार दीवान मॉनीटर कर रहे हैं। डॉ. दीवान पूर्वी दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त के भी लगातार संपर्क में बने हुए हैं ताकि जल्द से जल्द, ऑपरेशन असत्यमेव-जयते के स्टिंग में पकड़ी गयी आरोपी रिटायर्ड महिला डॉक्टर माया देवी अग्रवाल के खिलाफ कानूनी कागजात पूरे किये जा सकें।






