: कानाफूसी : सीवीबी न्यूज के लिए अरसे बाद कुछ अच्छी खबर आई है. पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव ने सीवीबी को ऑक्सीजन मुहैया करा दिया है. चुनावों के दौरान तमाम चैनलों से कंटेंट एवं विजुअल को लेकर समझौता करने वाले सी वोटर ब्राडकास्टिंग यानी सीवीबी को इस बार इंडिया न्यूज से सहारा मिला है. हालांकि खबरें दोनों चैनलों के बीच व्यापारिक समझौते की आईं थी पर बाद में खुलासा हुआ कि यह समझौता चैनलों को लेकर नहीं बल्कि चुनाव में कंटेंट एवं राजनीतिक खबरें उपलब्ध कराने को लेकर की गई हैं.
सूत्रों का कहना है कि इस समझौते के तहत सीवीबी न्यूज इंडिया न्यूज के लिए चुनाव से संबंधित खबरें उपलब्ध कराएगा. इस समझौते के तहत केवल कंटेंट और विजुअल नहीं बल्कि बने बनाए पैकेज और प्रोग्राम सीवीबी न्यूज इंडिया न्यूज को उपलब्ध कराएगा. सूत्रों का कहना है कि यह टाइअप चुनाव तक के लिए किया गया है, पर बाद में इस समझौते को आगे बढ़ाया जा सकता है. उल्लेखनीय है कि सीवीबी न्यूज एक न्यूज एजेंसी के रूप में भी अपनी सेवाएं देती है. बताया जा रहा है कि इंडिया न्यूज प्रबंधन ने यह समझौता अपने चैनलों में कर्मचारियों की कम संख्या को देखते हुए किया है.
बताया जा रहा है कि सीवीबी न्यूज के कार्यक्रमों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल यूपी-उत्तराखंड चैनल के लिए किए जाने की योजना है, क्योंकि ये चैनल अभी ठीक से लांच भी नहीं हो पाया है कि इसके तीन हेड बदले जा चुके हैं. नई टीम के साथ स्तरीय प्रोग्राम या न्यूज बुलेटिन कर पाना मुश्किल हो सकता है इसको देखते हुए इंडिया न्यूज प्रबंधन ने सीवीबी की सेवा लेने का फैसला किया है. हालांकि दोनों चैनलों के बीच कितने रकम में यह समझौता हुआ है इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. पर समझा जा रहा है कि इस समझौते से सीवीबी न्यूज के कर्मचारियों को कुछ राहत जरूर मिलेगी, जो पिछले काफी समय से अपनी अनियमित और बकाया सेलरी से जूझते हुए काम कर रहे हैं.






