इंटरनेट सेंसरशिप के विरोध में देश भर में हो रहे लंगड़ा मार्च की एक छंटा उज्जैन में देखने को मिली. नानाखेडा बस स्टैंड से मुनिनगर चौराहा तक हाथों और पैरों पर प्लास्टर चढ़ाए इंटरनेट लंगड़े जब सड़कों पर निकले तो हर किसी के मन में बस यही सवाल था कि आखिर इतने सारे लोगों को एक साथ क्या हो गया. जिस किसी को भी पता चला कि यह फेसबुक, गूगल और 21 सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर सेंसरशिप लगाने के विरोध में किया जा रहा है तो वो भी साथ हो लिया. नानाखेड़ा बस स्टैंड पर तो लोगों का जमावड़ा लग गया.
सेव योर वॉयस कैंपेन के तहत 13 मई को दिल्ली के इंडिया गेट पर एक बड़ा लंगड़ा मार्च निकाला जाएगा, जिसमें देशभर के 50 हजार से भी ज्यादा वेब लंगड़े इकट्ठा होंगे. सेव योर वॉयस की ओर से दिल्ली से आए हुए असीम त्रिवेदी और आलोक दीक्षित ने सेव योर वॉइस कम्पेन के बारे में विस्तृत जानकारी दी और बताया कि सेसरशिप के विरोध में इंडिया गेट से 13 मई को विशाल लंगडा मार्च निकालेंगे और बताएंगे कि सेंसरशिप के बाद ऑनलाइन मीडिया लंगडी हो गई है. इसी कड़ी में अगला मार्च 10 फरवरी को मेरठ में होगा. मार्च में छात्रनेता आदित्य मंडलोई, दिनेश दाहिया, सुनील राठौर, हरीश सिंह भदौरिया, वीर पाल सिंह, आईएसी उज्जैन से सतीश शर्मा, अभिजीत साहू मौजूद थे. मार्च का आयोजन अथक प्रयास के अर्पित गुप्ता और चिराग जोशी ने किया था.







