पंजाब केसरी पर पेड न्यूज करने समेत कुछ आरोप तो पहले भी लगते रहते हैं, पर अब लग रहा है कि पंजाब केसरी के काम करने वाले या कार्टून बनाने वालों की कमी हो गई है, जो उस पर कार्टून चुराकर प्रकाशित करने का आरोप लगा है. पंजाब केसरी पर आरोप है कि उसने दैनिक भास्कर में प्रकाशित कार्टून को अपने अखबार में प्रकाशित किया. यह घटना दूसरी बार हुई है, जिससे कार्टून बनाने वाले राजेंद्र वर्मा खूबड़ू काफी आहत और नाराज हैं. पंजाब केसरी की चोरी उनकी नौकरी पर भारी पड़ रही है. उन पर कंपनी को डबल क्रास करने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं. परेशान राजेंद्र वर्मा अब उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाने जा रहे हैं.
राजेंद्र वर्मा दैनिक भास्कर के पानीपत कार्यालय में इलेस्ट्रेटर एवं कार्टूनिस्ट के पद पर कार्यरत हैं. राजेंद्र का कहना है कि अंबाला से प्रकाशित पंजाब केसरी ने 17 अप्रैल को प्रकाशित मेन एडिशन के पेज नम्बर सात पर 'जुर्माना वसूलने में विभाग… ' नामक शीर्षक से छपी खबर में उनके कार्टून का प्रयोग किया गया है, जो निदंनीय है तथा इससे मुझे आपत्ति है. राजेंद्र बताते हैं कि यही कार्टून मैंने 9 अप्रैल को प्रकाशित भास्कर में जीवन राग नामक पेज पर अपने हरिवाणवी में छपने वाले लेख में दिया था. वे बताते हैं कि इससे पहले भी पंजाब केसरी ने भास्कर के पुल आउट में प्रकाशित एक कार्टून को चोरी करके प्रकाशित किया था, जिस पर मैंने आपत्ति जताई थी. लेकिन इसके बाद भी पंजाब केसरी के रवैये में कोई बदलाव नहीं हुआ. अब बात यहां तक आ पहुंची है कि कंपनी के लोगों का लग रहा है कि मैं उन्हें डब्बल क्रास कर रहा हूं. मेरी नौकरी भी खतरे में पड़ गई है. लिहाजा अब मैं उपभोक्ता कोर्ट जा रहा हूं.

दैनिक भास्कर में 9 अप्रैल को प्रकाशित कार्टून

पंजाब केसरी में 17 अप्रैल को प्रकाशित कार्टून





