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पत्रकारिता दिवस पर दिवंगत पत्रकार की पत्‍नी को दिया पचास हजार रुपये

: पेड न्‍यूज पर विधायकी जा सकती है तो अखबार का रजिस्‍ट्रेशन निरस्‍त क्‍यों नहीं : गोंडा। हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर एक अनूठी पहल करते हुए उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की जिला इकाई ने चन्दा लगाकर एकत्रित किए गए पचास हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट स्व. राम मोहन पाण्डेय की पत्नी श्रीमती सुमन पाण्डेय को प्रदान किया। कार्यक्रम के अतिथि प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह व माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह के द्वारा उन्हें यह धनराशि प्रदान करवाई गई।

: पेड न्‍यूज पर विधायकी जा सकती है तो अखबार का रजिस्‍ट्रेशन निरस्‍त क्‍यों नहीं : गोंडा। हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर एक अनूठी पहल करते हुए उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की जिला इकाई ने चन्दा लगाकर एकत्रित किए गए पचास हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट स्व. राम मोहन पाण्डेय की पत्नी श्रीमती सुमन पाण्डेय को प्रदान किया। कार्यक्रम के अतिथि प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह व माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह के द्वारा उन्हें यह धनराशि प्रदान करवाई गई।

इस अवसर पर यूनियन की ओर से आयोजित एक संगोष्‍ठी को सम्बोधित करते हुए भारतीय प्रेस परिशद के सदस्य शीतला सिंह ने कहा कि पेड न्यूज समाज के लिए काफी खतरनाक है। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज छपवाकर चुनाव जीतने वाली उत्तर प्रदेश की एक विधायक की सदस्यता तो खत्म कर दी जाती है किन्तु पेड न्यूज छापने वाले समाचार पत्र के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। यह दोहरा मानदंड समाज के लिए खतरनाक है। उन्होंने पूंजीवाद के खिलाफ पत्रकारों को एकजुट होने की अपील की।

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के अन्य स्तंभों की भांति मीडिया में भी गिरावट आई है। इसके बावजूद उसका महत्व कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाज हित में कार्य करना चाहिए, न कि व्‍यक्ति हित में। प्रदेश सरकार पत्रकारों के हित के लिए प्रतिबद्ध है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह ने स्वच्छ व निष्‍पक्ष पत्रकारिता की वकालत की और कहा कि पत्रकारों को तथ्यों की जांच पड़ताल करके ही समाचार देना चाहिए। बीबीसी लंदन के उत्तर प्रदेश प्रभारी राम दत्त त्रिपाठी ने कहा कि मीडिया संस्थानों को अपनी सकल आय का एक निश्चित हिस्सा पत्रकारों को देना चाहिए। उन्होंने पत्रकार संगठनों के माध्यम से उन पर दबाव बनाए की जरूरत बताई। त्रिपाठी ने कहा कि समाचार बंदूक से निकली गोली की तरह है, इसलिए उसे प्रसारित करने से पहले क्रास चेक अवश्य करें। उन्होंने सवाल उठाया कि श्रम विभाग के अधिकारी मीडिया घरानों के कार्यालयों की पड़ताल करके उन संस्थानों में काम करने वाले पत्रकार व गैर पत्रकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा क्यों नहीं कर पा रहे हैं?

देवीपाटन परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक सत्येन्द्र वीर सिंह ने कहा कि पत्रकारिता की धार तलवार से भी तेज होती है। इसलिए पत्रकार अपनी ताकत को पहचानें और समाज हित में कार्य करें। उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने हमेशा देश को दिशा दी है और आज भी आपमें धारा मोड़ने की ताकत है। डीआईजी ने पत्रकारों से स्व अनुशासित होने की अपील की। पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह यादव ने पत्रकारों को लक्ष्मण रेखा पार न करने का सुझाव दिया। एसपी ने कहा कि पत्रकारिता दिवस अपने मिशन को कसौटी पर कसने का दिन है। भविष्‍य की योजनाओं पर संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि हमें आत्मावलोकन करना चाहिए कि हम अपने उद्देश्य से भटक तो नहीं रहे हैं। उन्होंने समाचार पत्र के मिशन, प्रोफेशन अथवा बिजनेस होने के बीच सीमा रेखा निर्धारित करने की बात कही। उन्होंने सुझाव दिया कि पत्रकार अपनी साख बचाएं तथा सनसनी पैदा करने से बचें।

भारतीय प्रेस परिषद की पूर्व सदस्य सुश्री सुमन गुप्ता ने कहा कि पत्रकार भारतीय संविधान में प्रदत्त अभिव्‍यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों के तहत काम करते हैं। उन्होंने कहा कि आज समाचार पत्रों में स्थानीयकरण बढ़ा है। एक जिले की खबरें दूसरे जिले में नहीं मिलती। हमें राष्‍ट्रीय, प्रादेशिक और स्थानीय खबरों से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया घरानों के मालिकान करोड़ों का माल काट रहे हैं किन्तु दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों को बहुत कम पारिश्रमिक मिलता है। अपने हक के लिए हमें मीडिया घरानों पर दबाव बनाने की जरूरत है। साहित्यकार डा. सूर्यपाल सिंह ने पत्रकारिता में शुचिता के साथ मानवीय संवेदनाओं को उठाते हुए कहा कि आज सम्पादकों की हैसियत घट गई है। दूसरी तरफ पत्रकारों को उनका हक व जीविका के लिए धन नहीं दिया जा रहा है। ऐसी परिस्थिति में पत्रकारिता कैसे स्वतंत्र रह सकती है?

सम्पादक रजा रिजवी ने जिलों में कार्यरत पत्रकारों को भी मान्यता तथा इलाज की सुविधाएं देने की मांग की। कार्यक्रम को एडीएम अंजनी कुमार सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय सिंह, पूर्व अध्यक्ष सुरेश त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह, शास्त्री कालेज के प्राध्यापक डा. श्याम बहादुर सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) मिर्जा शाहिद बेग आदि ने भी सम्बोधित किया। विषय प्रवर्तन एसपी मिश्र ने किया। यूनियन के जिलाध्यक्ष कैलाश वर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन तथा महामंत्री जानकी शरण द्विवेदी ने संचालन किया। इस मौके पर यूनियन की ओर प्रकाशित स्मारिका ‘यादगार-2013’ का विमोचन किया गया। जगदीश भारती पुरवार ने जादू का कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में ब्लाक प्रमुख राजीव कुमार उर्फ बिट्टू सिंह, साबिर अली, कामेश प्रताप सिंह, राजू ओझा, अम्बरीश दत्त सिंह, अशोक पाण्डेय, शिव कुमार शुक्ल, सत्य प्रकाश शुक्ल, विक्रम सिंह, वरिष्‍ठ अधिवक्ता केके श्रीवास्तव, पत्रकार कमर अब्बास, पीपी यादव, टीपी सिंह, धनंजय तिवारी, संजय तिवारी, अंचल श्रीवास्तव, अम्बिकेश्वर पाण्डेय, अकील सिद्दीकी, पवन जायसवाल, पंकज सिन्हा, अब्दुल हफीज, मोमराज सिंह, रघुनाथ पाण्डेय, यशोदा नंदन त्रिपाठी, मनोज श्रीवास्तव, एसएन शर्मा, राजेश कुमार, सुधांशु गुप्ता, उमेश मिश्रा, जलील अहमद खान, एनके वर्मा, अशोक सिंह, केके मिश्रा, शोभनाथ पाण्डेय, सरदार जिन्दर सिंह, महादेव सागर, मथुरा प्रसाद मिश्र, विजय शुक्ला, अजीज सिद्दीकी, राज किशोर शुक्ला, इन्द्र प्रकाश शुक्ला, आरपी पाण्डेय, सुरेश गुप्ता, वरुण यादव आदि मौजूद रहे।

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