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पत्रकारिता में शौकिया तौर पर काम करने वाले ही तथ्‍यों को सामने लाएंगे : यशवंत

: महिलाओं को आगे आकर पत्रकारिता को धारदार बनाना चाहिए – कोश्‍यारी : हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य सदस्य भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि बदलावों के बीच पत्रकारिता के मूल्य और आदर्शों को बचाए रखना एक चुनौती है। इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मीडिया कर्मियों की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समग्रता की ओर जानी चाहिए और इसके लिए महिलाओं को आगे आकर पत्रकारिता को धारदार बनाना होगा। श्री कोश्यारी बुधवार को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वाधान में आयोजित पत्रकारिता के बदलते आयाम विषयक विचार गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने पत्रकारों से बद्रीदत्त पाण्डे, हरगोविन्द पंत और मोहन जोशी विक्टर की परम्पराओं को आगे बढ़ाने का  आह्वान किया।

: महिलाओं को आगे आकर पत्रकारिता को धारदार बनाना चाहिए – कोश्‍यारी : हल्द्वानी। पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्य सदस्य भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि बदलावों के बीच पत्रकारिता के मूल्य और आदर्शों को बचाए रखना एक चुनौती है। इसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मीडिया कर्मियों की है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता समग्रता की ओर जानी चाहिए और इसके लिए महिलाओं को आगे आकर पत्रकारिता को धारदार बनाना होगा। श्री कोश्यारी बुधवार को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वाधान में आयोजित पत्रकारिता के बदलते आयाम विषयक विचार गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर हिंदी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने पत्रकारों से बद्रीदत्त पाण्डे, हरगोविन्द पंत और मोहन जोशी विक्टर की परम्पराओं को आगे बढ़ाने का  आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता भडास4मीडिया सम्पादक यशवंत सिंह ने कहा कि पत्रकारिता संस्थान कारपोरेट हाउस बन गए हैं। कई बड़ी कम्पनियां मीडिया में आ रही हैं। इससे मीडिया की विश्वसनीयता हाशिए पर आ गई है और वैकल्पिक मीडिया ने जन्म लिया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कार्यपालिका, विधायिका और पत्रकारिता में जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी और कर्मचारी के इतर लोग शौकिया तौर पर जनमुद्दों को लेकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि खासकर पत्रकारिता में तो शौकिया तौर पर काम करने वाले लोग ही तथ्यों को सामने लाएंगे।

उन्होंने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि नौकरशाह, नेता और मीडिया हाउसों के गठजोड ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। लेकिन इसका दोष निचले स्तर पर काम करने वाले लोगों पर लगाया जाता है। जबकि बड़ी मछलियों को पकडने की कोशिश नहीं की जाती है। इसके लिए वैकल्कि मीडिया जमीन तैयार कर रहा है। इस अवसर पर अगले वक्ता के रुप में उत्तराखण्ड विवि के पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. गोविन्द सिंह ने रेडियो से लेकर इंटरनेट और अब सोशल साइटों की पत्रकारिता के इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन माध्यमों के उभरने से पत्रकारिता के आयाम बदल रहे हैं और सुविधा भी मिल रही है। खासकर वैश्विक जन आंदोलन को भी वैश्विकि स्वरुप इन्हीं माध्यमों ने दिलाया। उन्होंने कहा कि सोशल नेटवर्किंग साइटों से मीडिया जगत में क्रन्तिकारी बदलाव हुये हैं, लेकिन इसके पत्रकारिता के मूल्य और आदर्शों को बचाए रखना भी मुशकिल हो गया है।

कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट वक्ता प्रयाग पाण्डेय ने उत्तराखण्‍ड राज्य के गठन से लेकर अब तक की पत्रकारिता को नकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि बारह साल गुजर जाने के बाबजूद राज्य का विकास नहीं हुआ है। इसके विपरीत भ्रष्टाचार तेजी से पनपा है लेकिन इस भ्रष्टाचार में शामिल राजनेता, अधिकारी और ठेकेदारों को मीडिया कठघरे में खड़ा नहीं कर पायी है। एक तरह से मीडिया सरकार की पोषक बनकर रह गयी है। उन्होंने कहा कि जनहित में राज्य के विकास के लिए पत्रकारों को साहस के साथ अपनी कलम पर धार देनी होगी।

कार्यक्रम में उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार एसोसिएशन के नैनीताल इकाई के जिलाध्यक्ष विपिन चन्द्रा ने कहा कि पत्रकारिता को संविधान के चौथे स्तम्भ के रूप में देखा जाता है। पत्रकार के उपर न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका तीनों को देखनें की जिम्मेदारी है लेकिन कई पत्रकार भी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। बदलते दौर में ऐसी पत्रकारिता पर भी निगाह रखने के लिए न्यू मीडिया ने उसके कारनामों को बाहर निकालने के लिए पोर्टल तैयार किये हैं। कई ऐसे पोर्टल पत्रकारों पर निगाह रखने का कार्य कर रहे हैं जैसे भडास4मीडिया। तो बदलते दौर में वो संविधान के पांचवें स्तम्भ के तौर पर देखा जा रहा है।

इस मौके पर टीवी100 के संपादक कुलीन गुप्ता ने कहा कि पत्रकारों को सिर्फ अपना धर्म निभाते हुये कार्य करना चाहिये। इसीलिए उन्होंने अपने चैनल में कुमायूंनी और गढ़वाली भाषा में भी बुलेटिन की शुरुआत की है। वरिष्ठ पत्रकार तारा चन्द्र गुररानी, यूनियन के राष्ट्रीय पार्षद दिनेश मानसेरा, प्रान्तीय उपाध्यक्ष पंकज वार्ष्‍णेय, सहायक निदेशक सूचना योगेश मिश्रा, गणेश रावत, ध्रव रौतेला, सुमित हृदयेश ने भी पत्रकारिता के बदलते आयाम पर संबोधन किया है। इससे पहले कार्यक्रम की सफलता के लिए अतिथियों ने दीप प्रज्‍ज्‍वलित किया। इस मौके पर  लालकुऑ, कालॉढुगी, रामनगर और नैनीताल इकाई के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे, जिसमें नाजिम मिकरानी, गणेश जोशी, रघुवीर सिंह, बीसी भटट, प्रकाश जोशी, जिला उपाध्यक्ष चंचल गोला, जिला कोषाध्यक्ष गौरव गुप्ता, महामंत्री विनोद महरा, ईश्वरी लाल, देवेन्द्र महरा, अजय सिंह, विजेन्द्र श्रीवास्तव, सर्वेश दुबे, मुकेश सक्सेना, ओपी पाण्डेय आदि शामिल रहे। कार्यक्रम में हल्द्वानी नगर इकाई के अध्यक्ष ब्रिजेन्द्र मे हता ने आये हुये सभी अतिथियों का आभार जताया।

 फोटोग्राफी : ईश्‍वरी लाल शर्मा

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