पिछले कई सालों से विवादों में चल रहे प्रतिष्ठित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में माहौल बदल रहा है. प्रेस क्लब ना केवल घाटे से उबर चुका है बल्कि पत्रकारों के हितों को ध्यान रखते हुए नई कमेटी ने सदस्यता फीस भी आधी कर दी है. अब प्रेस क्लब का सदस्य बनने के लिए पत्रकारों को केवल पांच हजार रुपये ही देने पड़ेंगे. पुष्पेंद्र के समय में पत्रकारों को दुगुनी अंटी ढीली करनी पड़ती थी. उनके कार्यकाल में प्रेस क्लब का सदस्य बनने के लिए पत्रकारों से दस हजार रुपये वसूले जाते थे.
सूत्रों का कहना है कि स्कूटनी कमेटी ने पत्रकारों के आर्थिक स्थितियों को देखते हुए सदस्यता फीस घटाई है. क्लब में खाने-पीने का दाम भी रिजनेबल और बाजार भाव से कम कर दिया गया है. इस संदर्भ में पूछे जाने पर कोषाध्यक्ष नदीम कहते हैं कि स्थितियां ठीक हुई हैं. पीछे कर्ज से दबे प्रेस क्लब के ऊपर अब कोई कर्ज नहीं है. सारी देनदारियां क्लीयर कर दी गई हैं. क्लब अब अपने खर्च पर चल रहा है. हमने कुछ समय पहले ही तीन महीने के वैट के रूप में नौ लाख रुपये दिये हैं.
वे कहते हैं कि कर्मचारियों के पीएफ भी दिए गए हैं. पत्रकारों की सुविधाओं के साथ यहां काम करने वाले लोगों का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है. जिन कामगारों को पहले मई दिवस पर ढाई सौ रुपये दिए जाते थे अब उसे बढ़ाकर साढ़े सात सौ रुपये कर दिया गया है. सदस्यता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि काफी संख्या में पत्रकारों ने आवेदन किया है, जल्द ही कमेटी इन आवेदनों की जांच करके सदस्यता की कार्रवाई को पूरी कर लेगी.





