बंगलुरू में मीडियाकर्मियों पर पूर्व मंत्री जी रेड्डी की पेशी के दौरान हमला करने के मामले में पुलिस ने चार वकीलों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने यह गिरफ्तार तब की जब पत्रकारों ने इस मामले में न्यायिक जांच की बात को खारिज कर दिया. पत्रकारों ने आरोपी वकीलों के तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी. गिरफ्तार वकीलों में बार एसोसिएशन के महासचिव एपी रंगनाथ भी शामिल हैं. दूसरी तरफ वकील भी इन गिरफ्तारियों के विरोध में आंदोलन करने की चेतावनी दी है.
पुलिस ने बताया है कि इस मामले में पत्रकारों पर बिना उकसावे के हमला करने के मामले में इस वकीलों पर आईपीसी की कई धाराओं में 31 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश गैर जमानती हैं. इस घटना में 52 पुलिसवालों समेत कुल 65 लोग शामिल हैं, जिनमें 10 वकील और तीन मीडियाकर्मी भी शामिल हैं. पुलिस ने कर्नाटक हाईकोर्ट के जज केएल मंजूनाथ के चालक के साथ मारपीट और लूटपाट की शिकायत भी दर्ज की है.
इसके पहले सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच कराने की बात कही थी, परन्तु सीएम डीवी सदानंद गौड़ा से उनके आवास पर बातचीत में सुवर्णा न्यूज के प्रमुख विशेश्वर भट्ट एवं अन्य पत्रकारों ने कहा कि हम इस मामले में न्यायिक जांच स्वीकार नहीं करेंगे. यह रस्म अदायगी से ज्यादा नहीं है. इसके बाद पुलिस हरकत में आई तथा चार पत्रकारों के गिरफ्तारी की है. भट्ट ने कहा था कि सार्वजनिक तौर पर वीडियो फुटेज उपलब्ध होने के बाद भी सरकार इसमें ढिलाई बरत रही है.
केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेसी नेता वीरप्पा मोइली ने इस मामले में कर्नाटक की भाजपा सरकार को दोषी ठहराया है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मोइली ने दीवानी अदालत परिसर में हुई घटना को बेहद चौंकाने वाली करार दिया. दूसरी तरफ चार साथियों की गिरफ्तारी से नाराज वकीलों ने प्रदर्शन और हड़ताल की चेतावनी दी है. इन लोगों ने कहा है कि अगर उनके साथियों को तत्काल रिहा नहीं किया गया तो वे कोर्ट की कार्रवाई को ठप करने से भी नहीं चूकेंगे.






