बस्ती : शहर के चर्चित पत्रकार अवनीश हत्याकांड में अग्रिम विवेचना अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन की अपराध अनुसंधान विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे पहले जनपद की पुलिस द्वारा दो बार विवेचना की जा चुकी है। सोमवार को आरोपी उमाशंकर पटवा का इंस्पेक्टर राम कृपाल सिंह ने बयान लिया। जनपद के कोतवाली थानाक्षेत्र में 26 जून 2010 को साढ़े आठ बजे रात में पत्रकार अवनीश श्रीवास्तव की हमलावरों ने रौता चौराहे पर हत्या कर दिया था।
अवधेश श्रीवास्तव द्वारा अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था। जिसमें विवेचना से उमेश शुक्ला का नाम शूटर के रूप में प्रकाश में आया तो हीरा व्यवसाई दयाशंकर पटवा उमाशंकर पटवा का नाम साजिश कर्ता के रूप में शामिल किया गया। विवेचक द्वारा यह कहा गया कि मृतक का दयाशंकर के पत्नी से अवैध संबंध था। जिसके चलते किराये के शूटर से हत्या कराई गई थी। इस आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया जिसकी सुनवाई चल रही है। फिर अग्रिम विवेचना क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा की गई जिसमें पटवा बंधुओं को निर्दोष मानते हुए न्यायालय में प्रस्तुत की गई जो स्वीकार भी हो चुकी है। सोमवार को गोरखपुर से रामकृपाल सिंह इंस्पेक्टर अपराध अनुसंधान विभाग भ्रष्टाचार निवारण इकाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में आए और उन्होने पेशी पर आए उमाशंकर पटना से पूछताछ की। इस संवाददाता को पूछने पर बताया कि भ्रष्टाचार निवारण संगठनको इस मामले को अग्रिम विवेचना मिली है जिसके संबंध में मैने पूछताछ की है। साभार : जागरण