जयपुर। भारतीय ज्ञानपीठ की ओर से आयोजित 2013 की नौवीं नवलेखन प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। उपन्यास विधा पर केंद्रित इस प्रतियोगिता में पांच उपन्यासों को ज्ञानपीठ की ओर से प्रकाशित किया जाएगा। इन चयनित उपन्यासों में डेली न्यूज की पत्रकार उमा का उपन्यास "जन्नत जाविदाँ" भी शामिल है। उपन्यास विधा में कविताओं के सहारे उमा ने बदलते समय की नब्ज को टटोलने की कोशिश की है।
उपन्यास के सभी पात्र अपनी जिंदगी में खुशियों की तलाश में हैं और तलाश दिल से हो तो सफर जन्नत बन सकता है। पाखी, कथा और परिकथा जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं में उमा की कहानियां छप चुकी हैं। प्रथम पुरस्कार हरेप्रकाश उपाध्याय को उपन्यास "बखेड़ापुर" के लिए मिला। अन्य अनुशंसित उपन्यासों में प्रदीप जिलवाने का "आठवां रंग पहाड़ गाथा", विमलेश त्रिपाठी का "कैनवास पर प्रेम" व इंदिरा डांगी का उपन्यास "हवेली सनातनपुर" शामिल है। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार असगर वजाहत थे। निर्णायक मंडल में अजय तिवारी, जितेन्द्र श्रीवास्तव, अखिलेश, माधव कौशिक और लीलाधर मंडलोई भी शामिल थे।






