नई दिल्ली। इजरायली राजनयिक पर हुए हमले के मामले में पुलिस की स्पेशल सेल ने मंगलवार को पत्रकार सैयद मोहम्मद काजमी के खिलाफ तीस हजारी अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। तकरीबन साढ़े पांच सौ पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने केवल काजमी को आरोपी बनाया है। इसके अलावा इस मामले में शामिल कई ईरानी नागरिकों को संदिग्धों की सूची में डाला है। पुलिस की अर्जी पर सुनवाई के बाद सीएमएम विनोद यादव की अदालत ने संदिग्धों से पूछताछ में सहयोग के लिए ईरान, जॉर्जिया, मलेशिया, बैंकाक समेत कई देशों को पत्र जारी किए हैं।
पुलिस ने काजमी को इजरायली महिला राजनयिक तल येहशुआ कोरेन की कार पर बम लगाने की साजिश में मुख्य रूप से शामिल माना। इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस चार्जशीट दाखिल करेगी। बता दें कि महिला राजनयिक की कार पर 13 फरवरी 2012 को हुए बम हमले में वह और उनका ड्राइवर घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस जांच की सुई शुरू से ही ईरानी मूल के लोगों की ओर थी। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान 6 मार्च को ईरानी न्यूज एजेंसी के पत्रकार सैयद मोहम्मद काजमी को गिरफ्तार किया था।
काजमी से पूछताछ व मोबाइल कॉल की जांच के बाद ईरानी नागरिक हूशांग अफसर ईरानी का नाम खासतौर से सामने आया था। हमले वाले दिन भी ईरानी की उपस्थिति भारत में ही बताई गई और वह उसी शाम बैंकाक और फिर वहां से क्वालालांपुर गया। जांच में हूशांग अफसर ईरानी के अलावा ईरानी नागरिक सैयद अली मेहदी सदर, मोहम्मद रजा अब्दुल गाशमी सेडागेजत मसूद का नाम भी सामने आया था। पुलिस ने यह भी कहा कि इजरायली राजनयिकों पर हमले की ऐसी ही साजिश जॉर्जिया में भी रची गई, लेकिन इसे पहले ही नाकाम कर दिया गया। मलेशिया में भी 14 फरवरी को आतंकी हमले हुए थे। इस सिलसिले में मसूद को गिरफ्तार किया गया। साभार : अमर उजाला