Dilip Khan : नोएडा फिल्म सिटी में घंटे भर पहले CNN-IBN के एक पत्रकार ने चाय की दुकान पर पैसे देने के लिए पर्स निकाला तो उसमें निर्मल बाबा की पासपोर्ट-साइज-से-कुछ-बड़ी तस्वीर दिखी। मैंने मज़ाक में पूछा, ‘कृपा आ रही है? पत्रकार महोदय ने जवाब दिया कि मेरे से वो देश-दुनिया-राजनीति की बात शौक से करेंगे, लेकिन ‘उनके निर्मल बाबा’ के बारे में मैं मज़ाक न करूं। [सो, मैंने नहीं किया]
लेकिन हैरत में हूं कि समोसा छाप इस बाबा पर से जब तुलसी माला पहनने वालों का भी विश्वास उठ गया है तो राजनीति पर बात करने को तैयार एक पत्रकार कैसे उस तस्वीर को अपनी प्रियतमा की तरह पर्स में रख सकता है!
दिलीप खान के फेसबुक वॉल से.






