झारखंड के लातेहार में चंदवा थानाध्यक्ष द्वारा एक पत्रकार को पांच घंटे तक बंदी बनाए जाने का मामला तूल पकड़ रहा है. पत्रकारों ने बैठक करके इस घटना की निंदा की है तथा थानेदार के खिलाफ कार्रवाई न होने तक लड़ाई जारी रखने की बात कही है. उनका कहना है कि एक पत्रकार को बिना वजह बंधक बना लेना लोकतंत्र पर हमला है. पत्रकार पुलिस अधीक्षक क्रांति कुमार गडि़देशी से मिले तथा उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर थानेदार के खिलाफ अविलम्ब कार्रवाई की मांग की.
पत्रकारों की बात सुनने के बाद एसपी ने जांच के बाद दोषी थानेदार के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. गौरतलब है कि चंदवा के थानेदार अखिलेश मंडल ने एक पत्रकार को खबर देने के धोखे से बुलाकर पांच घंटे तक थाने में बैठाए रखा था. बाद में पत्रकारों के पहुंचने के बाद उसे छोड़ा गया. एसपी से मिलने वालों में योगेश प्रसाद, विशाल शर्मा, मनीष उपाध्याय, प्रवीण कर्ण, नवीन मिश्रा, संजय मिश्रा, नीरज सिन्हा, मनीष सिन्हा, मनोज दत्त, राजेश कुमार, राजीव मिश्र, आशीष टैगोर, दीपक भारती, वीरेंद्र कुमार, राजीव मिश्र, बद्री प्रसाद आदि लोग शामिल थे.






