खूंटी जिले के मुरहू थाना क्षेत्र के बुरूहातु गांव के जंगल में पीएलएफआई उग्रवादी एरिया कमांडर आसिसन पुर्ती उर्फ डकवाल और असिस्टेंड कमांडेंट सनिका के दस्ते से 16 मई की सुबह साढ़े पांच बजे पुलिस की मुठभेड़ हुई। इसी आसिसन के दस्ते ने पत्रकार जीतेंद्र सिंह की हत्या की थी। आसिसन और सनिका जीतेंद्र हत्याकांड के नामजद अभियुक्त हैं। पुलिस की ओर से 43 और उग्रवादियों की ओर से 15-20 राउंड गालियां चलाई गई।
उग्रवादी जिस जंगल की पहाड़ी पर थे उसे पुलिस घेरने की कोशिश कर रही थी। लेकिन पतों की खड़खड़हाट के कारण उग्रवादियों की नजर पुलिस पर पड़ गई। और फायरिंग करते हुए पहाड़ के ढलान में कूदकर भग गए। लेकिन पुलिस ने सर्च अभियान के दौरान उग्रवादियों के छह मोबाईल फोन, सोलर प्लेट, मोबाईल चार्जर, पिठु, उग्रवादी साहित्य, हिसाब-किताब का व्योरा, प्रशिक्षण पुस्तिका सहित कई महत्वपूर्ण सामान बरामद की है। इस पुलिस टीम में पुलिस के 20 जवान शामिल थे। टीम का नेतृत्व एसपी अभियान आरके मिश्रा कर रहे थे, उनके साथ थानेदार प्रवीण झा थे। खूंटी में प्रेस ब्रिफिंग में एसपी डा. एम तमिलवाणन ने कहा है कि जीतेंद्र हत्याकांड में शामिल उग्रवादियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।






