गुवाहाटी। जीएस रोड कांड में एक और पत्रकार के शामिल होने का दावा करने वाले तीन संगठनों के प्रतिनिधियों को रविवार को संवादकर्मियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। संगठन के पदाधिकारी अपने आरोप के पक्ष में पुख्ता सबूत और तर्क नहीं दे सके। जिसके बाद संवाददाताओं खासकर आरोपी चैनल डीवाई 365 के संवाददाताओं की संगठन के पदाधिकारियों के साथ भारी बक-झक हो गई। बाद में मामले को देखते हुए गुवाहाटी प्रेस क्लब को पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने बड़ी मशक्कत से संगठन के पदाधिकारियों को बचा कर बाहर ले गई।
अखिल असम कृषक कल्याण परिषद, असम गण मंच तथा समता सैनिक दल के पदाधिकारियों का कहना था कि जीएस रोड कांड में डीवाई 365 के संवाददाता विनय कलिता ने युवती से जबरदस्ती बयान लेने के प्रयास में उसके हाथ पकड़े थे और बार-बार चेहरे पर से बाल हटाए थे और गौरव ज्योति नेओग की तरह कलिता से भी पूछताछ पुलिस को करनी चाहिए। संगठनों ने संवाददाताओं को घटना का वीडियो दिखाया और सीडी सौंपी। इस वीडियो में युवती का हाथ और बाल खींचने वाले व्यक्ति का चेहरा नहीं दिखता है।
संवाददाता सम्मेलन में कृषक कल्याण परिषद के महासचिव प्रदीप कलिता तथा समता सैनिक दल के प्रदेश प्रमुख अमरेन्द्र दास ने बताया कि उन्होंने घटना की वीडियो फुटेज पुलिस को सौंप दी है और वे चाहते हैं कि युवती का हाथ और बाल खींचने वाले व्यक्ति की पहचान हो और उन्हें भी सजा मिले। इधर संवाददाता सम्मेलन के दौरान हुई अफरातफरी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए गुवाहाटी प्रेस क्लब के सचिव नव ठाकुरिया ने कहा है कि कानून अपना काम करेगा। संवाददाताओं को लक्ष्मण रेखा पार नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि खासकर नए संवाददाताओं को प्रशिक्षण की आवश्यक्ता है और चैनल तथा अखबार प्रबंधन से उनकी अपील होगी कि वे अपने संवाददाताओं को न्यूनतम नीति -नियम बताएं। श्री ठाकुरिया ने कहा कि एक गलत परंपरा चल पड़ी है और इसे रोकना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह एक ताज्जुब की बात है कि पिछले दिनों मीडिया की नैतिकता पर जब प्रांजय गुहा ठाकुरता की कार्यशाला हुई तो मुश्किल से 30 संवाददाता उपस्थित थे जबकि आज जीएस रोड कांड के मसले पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में 200 से अधिक थे।
गुवाहाटी से नीरज झा की रिपोर्ट.