जाने-माने टीवी जर्नलिस्ट और आजतक न्यूज चैनल में वरिष्ठ पद पर कार्यरत पुण्य प्रसून बाजपेयी के पिता मणिकांत बाजपेयी का गाजियाबाद में आज निधन हो गया. वो 77 बरस के थे. श्री मणिकांत बाजपेयी अल्झाइमर रोग से पीड़ित थे. उनका 2011 से इस रोग का इलाज चल रहा था. श्री मणिकांत बाजपेयी दिल्ली में इंडियन इनफारमेशन सर्विस में हुआ करते थे. वे पीआईबी में डीपीआईओ के पद पर कार्यरत रहे. वे आल इंडिया रेडियो में न्यूज एडिटर के रूप में पदस्थ रहे. सन 1975 में इमरजेंसी के वक्त उनका ट्रांसफर पहले रांची फिर दो साल बाद पटना के लिए कर दिया गया था.
पुण्य प्रसून बाजपेयी मीडिया के क्षेत्र में अपने पिता की प्रेरणा, परवरिश और प्रदान किए गए माहौल के चलते आए. पुण्य प्रूसन बाजपेयी के चाचा वेद प्रकाश वाजपेयी, जो लेक्चरर हुआ करते थे, उन्हें भी पिता मणिकांत बाजपेयी मीडिया में ले आए. बाद में वेद प्रकाश वाजपेयी नवभारत टाइम्स, पटना के हिस्से बने. वर्ष 1988 के लगभग मणिकांत वाजपेयी परिवार समेत दिल्ली में शिफ्ट हो गए. उनका अंतिम एसाइनमेंट योजना आयोग में पीआईओ के रूप में थे. उसके बाद वे रिटायर हो गए.
तीन वर्ष पहले श्री मणिकांत बाजपेयी अल्झाइमर रोग से पीड़ित हो गए. इस रोग में स्मृति पर काफी असर पड़ता है. पिता मणिकांत बाजपेयी के इलाज और सेवा में पुण्य प्रूसन लगातार जुटे रहे. न्यूज चैनल के कामकाज के बाद बाकी बचा अपना पूरा वक्त वे पिता की सेवा और देखभाल में लगाते रहे. आज शाम चार बजे के करीब पिता मणिकांत बाजपेयी ने अंतिम सांस ली. परिजनों के मुताबिक अंतिम संस्कार कल दोपहर एक बजे लोधी गार्डेन स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा. तब तक मणिकांत बाजपेयी का शव पुण्य प्रूसन के वसुंधरा (गाजियाबाद) के पत्रकार परिसर स्थित आवास में रखा रहेगा. मणिकांत बाजपेयी के निधन पर उनके जानने वालों और पत्रकारों ने शोक प्रकट किया है.






