देवरिया। एक इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार के पुत्र द्वारा पुलिस वाहन चेकिंग के दौरान सिपाही को थप्पड़ मार दिया गया। पत्रकार का बेटा इस गुमान में था कि उसका बाप इलेक्ट्रानिक चैनल में है तो पुलिस उसका कुछ नहीं कर पाएगी, लेकिन पासा उलटा पड़ गया। इस घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक शचि घिल्डियाल के निर्देश पर पत्रकार पुत्र के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिससे पत्रकारों में हड़कम्प मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार सोमवार की शाम को परशुराम चौराहे पर पुलिस अधीक्षक के आदेश पर वाहनों की रूटीन चेकिंग चल रही थी। पुलिस घेराबंदी कर बाइक सवारों को रोक उनके कागजात चेक कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार सौरभ मणि त्रिपाठी को एक सिपाही ने हाथ देकर रोका। इस पर सौरभ मणि त्रिपाठी बौखला गया और उसने सिपाही को थप्पड़ जड़ दिया। इससे अन्य पुलिस कर्मी भी आक्रोशित हो उठे। सौरभ मणि त्रिपाठी ने खुद को मीडिया कर्मी व इंडिया टीवी के पत्रकार अवनीश मणि त्रिपाठी का पुत्र बताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। देखते ही देखते मौके पर पत्रकारों के साथ ही भारी भीड़ जुट गई। सौरभ दिल्ली में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है।
उधर सूचना पाकर शहर कोतवाल सारनाथ सिंह भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की जानकारी ली। पुलिस ने बाइक का चालान कर दिया था। कोतवाल ने मौके की नजाकत को भांपते हुए जुर्माना भरने के बाद बाइक छोड़ दी। घटना के संदर्भ में पुलिस अधीक्षक शचि घिल्डियाल ने बताया कि सोमवार को सायंकाल थाना कोतवाली देवरिया में नियुक्त आरक्षी राम सकल यादव ने तहरीर दिया है कि वह उप निरीक्षक राम मूरत यादव, चौकी प्रभारी भुजौली व कान्सटेबिल रितेश राय के साथ शहर के भुजौली कालोनी स्थित परशुराम मणि चौराहे पर वाहन चेकिंग में था कि बिना नम्बर की एक बजाज प्लेटिना मोटर साइकिल आते दिखायी दी, जिसे रोक कर कागजात मॉगे जाने पर मोटर साइकिल चालक नाराज होकर अपने को चैनल के पत्रकार अवनीश मणि त्रिपाठी का पुत्र सौरभ मणि त्रिपाठी, निवासी बरपार, थाना रामपुर कारखाना बताते हुए उनकी नेम प्लेट नोंचने लगा। विरोध करने पर उसने थप्पड़ से मारा और गाली-ग्लौज देते हुए देख लेने की भी धमकी दी।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है चाहे वह कितना ही प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो। उन्होंने बताया कि सिपाही के तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली देवरिया में मु0अ0सं0-920/2012 धारा 332/353/323/504/506 भा0द0वि0 पंजीकृत कराकर विवेचना उप निरीक्षक श्री राणा देवेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा की जा रही है। दूसरी तरफ पत्रकारों में पुलिस द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई से रोष व्याप्त है। पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस वाहन चेकिंग के नाम वसूली करती है और नहीं मिलने पर फर्जी तरीके से लोगों का उत्पीड़न करती है। इस मामले में भी पुलिस ने इसी तरह की कार्रवाई की है।






