पत्रकार वेद विलास उनियाल ने संस्मरण और रिपोतार्ज शैली में एक किताब लिखी है. नाम है- ''सुन मेरे बंधु''. किताब घर से प्रकाशित इस किताब में राजनीति, फिल्म संगीत, खेल, कला पत्रकारिता आदि विभिन्न क्षेत्रों के 16 व्यक्तित्वों पर उनियाल के संस्मरण हैं.
उनियाल ने इन लोगों को जिस तरह देखा, समझा, महसूस किया, बातचीत की, उसे पुस्तक में पेश किया है. इसमें मुकेश कुमार (नितिन मुकेश से बातचीत पर आधिरत), मुलायम सिंह यादव, हेमवती नंदन बहुगुणा, नौशाद, निदा फाजली, रीना शक्तू, राजेश खन्ना, सुनील दत्त, प्रभाष जोशी, सचिन, खैय्याम, रीना शक्तू, नरेंद्र सिंह नेगी, रवि, सितारा देवी पर संस्मरण है. पुरानी झलकियां हैं. कहीं टिप्पणियां भी हैं.
वेद विलास उनियाल इन दिनों अमर उजाला में चीफ सब एडिटर के रूप में नोएडा में कार्यरत हैं. वे 1991 में बतौर उपसंपादक जनसत्ता, मुंबई से जुड़े थे. जनसत्ता में राजनीति, समसामयिक विषयों पर लेख, समाचार संकलन, समाचार विश्लेषण किया. संपादकीय पेज पर भी लेख लिखे. जनसत्ता की नई दिल्ली से प्रकाशित रविवारीय जनसत्ता और मुंबई से प्रकाशित साप्ताहिक पत्रिका सबरंग और संझा जनसत्ता में भी निरंतर लेखन किया. 2001 में दैनिक जागरण से जुड़कर रिपोर्टिंग की.







