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पत्रकार श्रेणिक बाफना का रतलाम प्रेस क्लब ने किया सम्मान

रतलाम। तीन दशक से ज्यादा समय से कार्यरत पत्रकार श्रेणिक बाफना के सेवानिवृत्त दिवस को रतलाम प्रेस क्लब ने समारोह पूर्वक मनाया। शहर के चंपाविहार हाल में आयोजित कार्यक्रम में श्री बाफना का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया एवं उनके अनुभवों का लाभ पत्रकार जगत को मिलता रहे यह कामना की गई।  कार्यक्रम में श्री बाफना के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी ने कहा कि श्री बाफना उसूलों पर चलने वाले एक निर्भिक पत्रकार के रूप में पहचाने जाते हैं। आपने पत्रकारिता को प्राथमिकता देकर रेलवे जैसे विभाग की नौकरी को तिलांजली दी थी। तीन दशक से अधिक समय तक एक ही संस्थान में कार्य करना निश्चित ही बहुत कठिनाई भरा होता है। लेकिन, श्री बाफना ने अपने कार्य को अपनी ही शैली में अंजाम दिया, यह नई पीढ़ी  के लिए अनुकरणीय रहेगा। 
रतलाम। तीन दशक से ज्यादा समय से कार्यरत पत्रकार श्रेणिक बाफना के सेवानिवृत्त दिवस को रतलाम प्रेस क्लब ने समारोह पूर्वक मनाया। शहर के चंपाविहार हाल में आयोजित कार्यक्रम में श्री बाफना का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया गया एवं उनके अनुभवों का लाभ पत्रकार जगत को मिलता रहे यह कामना की गई।  कार्यक्रम में श्री बाफना के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ पत्रकार शरद जोशी ने कहा कि श्री बाफना उसूलों पर चलने वाले एक निर्भिक पत्रकार के रूप में पहचाने जाते हैं। आपने पत्रकारिता को प्राथमिकता देकर रेलवे जैसे विभाग की नौकरी को तिलांजली दी थी। तीन दशक से अधिक समय तक एक ही संस्थान में कार्य करना निश्चित ही बहुत कठिनाई भरा होता है। लेकिन, श्री बाफना ने अपने कार्य को अपनी ही शैली में अंजाम दिया, यह नई पीढ़ी  के लिए अनुकरणीय रहेगा। 
पत्रकार दिलीप पाटनी ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्री बाफना तटस्थ भावना से पत्रकारिता का कार्य करते चले आ रहे हैं। सेवाकाल में निवृत्ति एक व्यवस्था है, लेकिन पत्रकार कभी भी सेवानिवृत्त नहीं होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि नई ऊर्जा के साथ श्री बाफना आगे की अपनी पारी को पूरा करेंगे एवं समाज के लिए आगे भी कार्य करते रहेंगे। पत्रकार रमेश टांक ने अपने उद्बोधन में श्री बाफना के जीवनकाल के कई अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने श्री बाफना के उसूलों के प्रति कठोर रवैये का जिक्र करते हुए इसके कारण आई कई परेशानियों का भी जिक्र किया एवं कहा कि इसके बावजूद भी श्री बाफना कभी भी सत्यपथ से विचलित नहीं हुए। श्री बाफना के व्यक्तित्व को  औरों से जुदा बताते हुए प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश मूणत ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि रतलाम के पत्रकार जगत के लिए यह गौरवशाली दिन है। श्री बाफना ने समाज में अपनी एक अलग छवि बनाई है, यह उसूलों पर कायम रहकर ही बनाई जा सकती है। 
श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष शरद जोशी, पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष उमेश मिश्रा, रमेश टांक, दिलीप पाटनी, गोविंद उपाध्याय, एसएस सोलंकी, मणि जैन, भरत गुप्ता, महेश पुरोहित, ऋषि कुमार शर्मा, सुरेन्द्र छाजेड़, चांद शर्मा, मुकेश जोशी, अरूण त्रिपाठी, यश शर्मा, ललित कोठारी, सुरेन्द्र जैन, प्रियेश कोठारी, किशोर शर्मा, अशोक जोशी, राजेश रांका, मुबारिक खान आदि ने श्री बाफना का पुष्पमाला से स्वागत-सम्मान किया।  पे्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश मूणत,  उपाध्यक्ष अमित निगम, ललित कोठारी, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र सिंह सोलंकी ने रतलाम प्रेस क्लब की ओर से शाल-श्रीफल से श्रेणिक बाफना का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विनोद सिंह व नीरज शुक्ला, के गोविंद उपाध्याय, उत्तम शर्मा सहित चांद शर्मा, गोवर्धन चौहान, दुर्गेश पंवार, दिलजीत मान भी मौजूद थे।  कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों के विरोध में निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। संचालन अदिती दवेसर ने किया
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