अंबाला में एक पत्रकार सन्नी खन्ना आत्महत्या मामले में बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ के चिकित्सक की गवाही हुई। आत्महत्या के मामले में यह अंतिम गवाही थी। उधर, मामले में अभी इस तारीख पर भी अर्जी दायर नहीं हो सकी। इसके बाद मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित कर दी है।
सन्नी खन्ना ने 10 जून 2009 को आत्महत्या कर ली थी तथा सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार अजीत अग्रवाल व मेखी लाला के साथ रामकिशन गुर्जर को ठहराया था। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन बाद में इस मामले में गुर्जर को क्लीन चीट दे दी गई थी। इस पर शिकायतकर्ता ने पुलिस की कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी थी। संसदीय सचिव ने अदालत के निर्देश को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका को सुसाइड नोट के कारण खारिज कर दिया है।
याचिका खारिज होने पर गुर्जर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, जहां सुप्रीम कोर्ट ने मृतक के पिता की मौत हो जाने पर गुर्जर को राहत दे दी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने फैसले में यह भी कहा कि यदि मामले में दोबारा से अपील होगी तो उसकी सुनवाई जिला सेशन जज करेंगे। परंतु अभी तक मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अर्जी दायर नहीं की गई है। सूत्र बताते हैं कि मृतक की बहन प्रीती खन्ना अर्जी लगाने की कोशिश कर रही हैं।






