रायगढ़। भाजपा पार्षद आशीष ताम्रकार ने करीब एक दर्जन साथियों के साथ गुरुवार को "पत्रिका" के ब्यूरो चीफ प्रवीण त्रिपाठी को जान से मारने की कोशिश की। इस जानलेवा हमले के पीछे प्रमुख कारण पार्षद की कारगुजारियां उजागर करना है। "पत्रिका" ने अवैध कोयला उत्खनन सहित शहर के वार्डो में अव्यवस्था का मामला कई बार प्रकाशित किया, जिसके बाद पार्षद ने इस घटना को अंजाम दिया।
पार्षद ने योजनाबद्ध तरीके से सुबह 10 बजे त्रिपाठी को एक मंगल भवन अतरमुड़ा में बुलाया और वहां एक कमरे में बंद कर उन्हें मारना शुरू कर दिया। हॉकी, स्टिक और लाठियों से लैस भाजपा पार्षद आशीष ताम्रकार और उसके साथियों ने त्रिपाठी को बेदम पीटा। पिटाई से त्रिपाठी बेहोश हो गए तो पार्षद और उसके साथी उन्हें मरा समझकर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची संजीवनी एक्सप्रेस ने त्रिपाठी को अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, त्रिपाठी को गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल में भर्ती त्रिपाठी के बयान पर पुलिस ने पार्षद आशीष और उसके 15 साथियों के खिलाफ हत्या की कोशिश और बलवा का मामला दर्ज किया है।
इस हमले के विरोध में बिलासपुर में भी छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार संघ की बैठक हुई, जिसमें जानलेवा हमला करने वाले पार्षद ताम्रकार और उसके साथियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई। संघ के प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेज राजेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को ई-मेल भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की. साभार : पत्रिका






