जबलपुर में पत्रिका की डाक डेस्क प्रयोग की पाठशाला बन गई है. अखबार के लांचिंग के बाद से तीन सालों में पांच प्रभारी बदले जा चुके हैं. सबसे लम्बा कार्यकाल भोजराज उच्चसरे का रहा. वे दो साल तक प्रभारी रहे. उनका कार्यकाल बेहद सराहनीय भी रहा. वे तत्कालीन स्थानीय संपादक सिद्धार्थ भट्ट के चाटुकारों की राजनीति का शिकार हो गए. उनके विदा होने के बाद मात्र एक साल में चार नए डाक प्रभारी बनाए जा चुके हैं.
भोजराज के अखबार से विदा लेने के बाद से डाक में हालात सुधर नहीं पाए हैं. इन हालातों से वर्तमान संपादक को मुश्किल उठानी पड़ रही है. डाक में अखबार की स्थिति बेहद खराब हो गई है. अब तक जो डाक प्रभारी रहे उनमें रमाशंकर उपाध्याय दो माह, भोजराज उच्च्सरे दो साल, जितेन्द्र रिछारिया 6 माह तथा प्रेमशंकर तिवारी 6 माह शामिल हैं. अब कल तक डेस्क के उप संपादकों की बेजा फटकार सुनते रहे दमोह केंद्र के प्रभारी ओपी सोनी को डाक प्रभारी बनाया गया है. नौसिखिए सोनी पत्रिका का कितना भला करेंगे अब यह देखने वाली बात होगी.






