कांग्रेस के लिए पप्पू चिंता व परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं. राहुल गांधी पर केंद्रित जो विज्ञापन कैंपेन शुरू किया गया है, उसकी हवाल निकल चुकी है. कांग्रेस ने एक आंतरिक सर्वे कराया है जिससे पता चलता है कि राहुल केंद्रित विज्ञापन को कोई खास लोकप्रियता नहीं मिल रही है.
कांग्रेस लोकसभा चुनाव राहुल गांधी को सामने रखकर चुनाव लड़ रही है. पर पार्टी का यह चेहरा लोगों के बीच कुछ खास अपील नहीं बना पा रहा है. राहुल गांधी पर केंद्रित कांग्रेस के पोस्टरों, मीडिया विज्ञापनों और होर्डिंग्स के जरिए यह बात सामने आई है. दरअसल, पार्टी ने राहुल पर केंद्रित विज्ञापन प्रचार की शुरुआत के कुछ हफ्तों बाद इसके असर को लेकर एक इंटरनल फीडबैक कराया था. इसी सर्वे से यह सचाई सामने आई है.
इस सर्वे में कांग्रेस के मीडिया प्रचार के साथ-साथ यूपीए सरकार के 'भारत निर्माण' कैंपेन पर भी फीडबैक लिया गया. सर्वे में सामने आया कि कांग्रेस कैंपेन की तुलना में जमीनी स्तर पर लोगों ने 'भारत निर्माण' कैंपेन को ज्यादा पसंद किया. रिपोर्ट में कहा गया है कि कांग्रेस कैंपेन की अपेक्षा 'भारत निर्माण' कैंपेन को विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म पर ज्यादा हिट्स और टीआरपी मिल रही है. चुनावी ऐड कैंपेन पर मिले इस तरह के फीडबैक ने कांग्रेस की चिंताएं बढ़ा दी हैं. इसे लेकर कांग्रेस के वॉररूम में लगातार गंभीर बैठकों का दौर जारी है. बताया जा रहा है कि ऐड कैंपेन का खास असर नहीं होता देख पार्टी अपनी रणनीति में बदलाव करने पर विचार कर रही है.






