: कानाफूसी : मजीठिया आयोग की सिफारिशों से बचने के लिए अपने कर्मचारियों से जबरन हस्ताक्षर कराने के अभियान के चलते कोर्ट में फजीहत उठा चुका दैनिक जागरण प्रबंधन अब एक मुकदमा जमशेदपुर में भी लड़ सकता है. यह मुकदमा जागरण के ही एक एडिटोरियल स्टाफ की ओर से होने जा रहा है. दैनिक जागरण जमशेदपुर के एक रिपोर्टर ने कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है. यह रिपोर्टर पिछले एक माह से लम्बी छुट्टी पर चल रहा है.
चर्चा है कि इस रिपोर्टर ने पारिवारिक दिक्कतों के चलते संपादक से कई बार लखनऊ तबादले को गुजारिश की थी लेकिन संपादक ने एक नहीं सुनी, और उल्टा इस रिपोर्टर को परेशान करना शुरू कर दिया. साथ में संपादक ने अपने खास रिपोर्टरों को भी इस काम में लगा दिया. जागरण में तबादला पालिसी लागू हो चुकी है. लेकिन जमशेदपुर के संपादक की तानाशाही के चलते यहाँ तबादला क़ी बात करना भी पाप है. लम्बी छुट्टी के दौरान अब इस रिपोर्टर ने अपने हक़ के लिए कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है. नोटिस में संपादक के साथ साथ स्थानीय संपादक और स्टेट हेड को भी पार्टी बनाया जा रहा है. गुरुवार को ये रिपोर्टर जमशेदपुर लेबर कोर्ट पहुंचा और एक वकील के साथ कागजी प्रक्रिया पूरी की. अगले एक दो दिन में नोटिस भेजा जायेगा.






