पाक ने एक बार फिर नापाक हरकत करते हुए पांच भारतीय सैनिकों को मार डाला। पाक के दुस्साहस के पीछे हमारी कमजोर विदेश नीति और तुष्टिकरण की राजनीति बड़ी वजह है। जब देश के नेता आंतकियों को हाफिज सईद साहब और ओसामा जी जैसे आदर सूचक शब्दों से नवाजेंगे तो कभी पाक सेना हमारे सैनिकों के सिर काट कर ले जाएगी तो कभी घर में घुसकर हमारे जवानों को मारेगी।
जो जवान मरते हैं उनसे नेताओं को कोई रिश्ता तो होता नहीं है इसलिए बयानबाजी में सारी बहादुरी, गुस्सा और तेवर वो दिखा देते हैं। होना ये चाहिए कि देश के सभी नेताओं का और जो युवा राजनीति के क्षेत्र में आना चाहते हैं, सबके लिए सेना की नौकरी अनिवार्य होनी चाहिए या फिर उनके घर का कोई सदस्य सैन्य सेवा में होना चाहिए। शायद तभी नेताओं को शहीदों की शहादत और उनके परिवारों का दुख-दर्दे समझ में आएगा, नहीं तो निर्दोष सैनिक यूं ही अपनी जान गंवाते रहेंगे।
Dr Ashish Vashisht के फेसबुक वॉल से.






