कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जन संचार विश्वविद्यालय का शोध छात्र कमल ज्योति जाहिरे को वि.वि. ने निलंबित कर दिया है। कमल ज्योति ने पिछले दिनों आरटीआई के माध्यम से कुछ जानकारियां मांगी थी, जिसके बाद विश्वविद्यालय के कुछ लोगों से उनका विवाद एवं मारपीट हो गई थी। कमल ने इस मारपीट करने, गाली देने तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया था। वो कुछ दिन तक अस्पताल में भर्ती भी रहे।
विश्वविद्यालय की तरफ से भी कमल के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। अब खबर है कि उन्हें निलंबित कर बेघर कर दिया गया है। अब जब वह अस्पताल से बाहर आ गया है तो रहने के लिए न हॉस्टल है और न ही दो वक्त की रोटी के लिए पैसे। वह वि.वि. के हॉस्टल में ही रहता था और वहीं खाना बनाकर खाता था। उसके पास पैसे नहीं होते थे तो दोस्त दाल चावल के लिए पैसे ले जाकर देते थे। हालत ऐसी हो गई है कि वह इन दिनों फुटपाथ में रात गुजार रहा है।
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एक छात्र द्वारा भेजा गया पत्र.






