गुवाहाटी। राज्यसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से नामांकन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया कवर करने की इजाजत न मिलने पर गुवाहाटी के मीडियाकर्मियों ने विरोध-प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने स्थानीय एवं राष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों, टीवी कैमरामैन और फोटोग्राफरों के विधानसभा परिसर में दाखिल होने पर रोक लगा दी। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) ने मीडियाकर्मियों के परिसर में दाखिल होने पर रोक लगायी है।
पत्रकारों ने आरोप लगाया कि असम में असंतोष, रेलवे रिश्वतखोरी मामला, कोयला घोटाले का मामला आदि से जुड़े सवालों का सामना करने से प्रधानमंत्री को बचाया गया और उन्हें उस असम के पत्रकारों से बातचीत करने से रोका गया जिसे वह अपना घर कहते हैं। नाराज पत्रकारों ने दावा किया कि असम की जनता के प्रतिनिधि के तौर पर प्रधानमंत्री की ओर से नामांकन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया कवर करने की इजाजत न देकर मीडिया का ‘‘मुंह बंद कराया गया’’।
पत्रकारों ने कहा, ‘‘यह न केवल पत्रकार समुदाय का अपमान है बल्कि यह असम की उस जनता का भी अपमान है जिसकी नुमाइंदगी प्रधानमंत्री राज्यसभा में चार दफा कर चुके हैं।’’ तीन घंटे से ज्यादा चले विरोध-प्रदर्शन के बाद असम सरकार के कई मंत्री, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भुवनेश्वर कलिता और मुख्यमंत्री तरूण गोगोई पत्रकारों को शांत करने के लिए बाहर आए और कहा कि प्रधानमंत्री विधानसभा परिसर में उनसे बातचीत के लिए इंतजार कर रहे हैं। इस पर पत्रकारों ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को विधानसभा परिसर से बाहर आकर उनसे बात करनी चाहिए। आखिरकार, प्रधानमंत्री बाहर आए और दिल्ली रवाना होने की खातिर हवाई अड्डा जाने से पहले उन्होंने मीडिया से करीब पांच मिनट बात की। (भाषा)






