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पीएम मनमोहन सिंह ने भी कर दी मीडिया की आलोचना, बोले- भटकी मीडिया खुद खोजे समाधान

आजकल हर एक पार्टी का नेता मीडिया को गालियां दे रहा है. समाजवादी पार्टी हो या बहुजन समाज पार्टी या भारतीय जनता पार्टी या आम आदमी पार्टी या कांग्रेस… सभी के नेता लोग मौके बेमौके मीडिया की ऐसी तैसी करने से नहीं चूकते. हालांकि सच कहा जाए तो मीडिया को सबसे ज्यादा बर्बाद इन नेताओं ने ही किया है. ताजी खबर ये है कि चुप रहने वाले हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मीडिया पर गुस्सा आ गया और वे बोल पड़े. मीडिया द्वारा स्व नियमन की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि ‘‘व्यापक रुप से स्वतंत्र’’ पत्रकारिता में कुछ भटकाव आ गया है और उन्हें दूर करने के लिए उसे खुद ही तरीके खोजने चाहिए.

आजकल हर एक पार्टी का नेता मीडिया को गालियां दे रहा है. समाजवादी पार्टी हो या बहुजन समाज पार्टी या भारतीय जनता पार्टी या आम आदमी पार्टी या कांग्रेस… सभी के नेता लोग मौके बेमौके मीडिया की ऐसी तैसी करने से नहीं चूकते. हालांकि सच कहा जाए तो मीडिया को सबसे ज्यादा बर्बाद इन नेताओं ने ही किया है. ताजी खबर ये है कि चुप रहने वाले हमारे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी मीडिया पर गुस्सा आ गया और वे बोल पड़े. मीडिया द्वारा स्व नियमन की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि ‘‘व्यापक रुप से स्वतंत्र’’ पत्रकारिता में कुछ भटकाव आ गया है और उन्हें दूर करने के लिए उसे खुद ही तरीके खोजने चाहिए.

मलयाला मनोरमा समूह के 125 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जीवंत और व्यापक रुप से स्वतंत्र मीडिया हम सब के लिए संपत्ति है. उन्होंने कहा कि मीडिया ने सूचना के प्रसार, लोगों को शिक्षित करने और सरकार के काम पर आलोचनात्क नजर रखने में अच्छी भूमिका निभायी है. सिंह ने कहा कि मीडिया के आकार में वृद्धि हुयी है और यह विकसित हुआ है लेकिन इसमें कुछ ‘‘भटकाव’’ भी आए हैं.

 उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन अच्छी बात यह है कि इन भटकावों पर भी चर्चा एवं विचार विमर्श हो रहे हैं. मीडिया को खुद ही अपनी खामियों को हटाने के तरीके का पता लगाना है.’’  मलयाला मनोरमा समूह को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह उस अच्छी पत्रकारिता का बेहतरीन उदाहरण है जिसने दुनिया भर में लाखों लोगों को सूचित और शिक्षित करने के साथ ही उनका मनोरंजन भी किया. इस मौके पर रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने कहा कि देश में ‘‘पारदर्शिता क्रांति’’ हो रही है. उन्होंने कहा कि नागरिकों की ओर से मीडिया ने प्रभावी तरीके से उत्तर मांग कर पारदर्शिता की मांग को बल प्रदान किया है. एंटनी ने कहा कि जरुरत और अनिवार्यता है कि यह क्रांति देश के सभी संस्थानों तक पहुंचे.

मलयाला मनोरमा के मुख्य संपादक मैमन मैथ्यू ने कहा कि समूह की स्थापना आजादी के पहले के दौर में की गयी थी जब इसने सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय मुद्दों का समर्थन किया था.उन्होंने कहा कि समूह का प्रकाशन लाइसेंस उस समय समाप्त कर दिया गया था और देश की आजादी के बाद ही यह लाइसेंस फिर से मिल सका.मलयाला मनोरमा के कार्यकारी संपादक जैकब मैथ्यू ने कहा कि समूह ने सालों और दशकों का सफर तय किया है लेकिन जवाबदेह पत्रकारिता की आवाज बनने और विश्वसनीयता का जिम्मा निभाने की भूमिका अपरिवर्तित रही है.

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