पहले तो मधुबनी के अभिजीत को मेरी तरफ से ढेर सारी बधाई, इस साहस, हिम्मत और पहल के लिए. आमतौर पर पत्रकार लोग अपनी लड़ाई खुद नहीं लड़ते. शोषण और प्रताड़ना का शिकार होकर चुप रह जाते हैं. पर अभिजीत ने अपने हक के लिए आवाज उठाई है. ऐसे ही सब उठाने लगें तो मालिकों, मैनेजरों की हिम्मत न पड़े किसी का हक मारने की.
पीके तिवारी और मीना तिवारी महुआ न्यूज चैनल के मालिक-मालकिन हैं. इन लोगों ने अचानक अपना न्यूज चैनल बंद कर दिया. सैकड़ों पत्रकारों और स्ट्रिंगरों का पैसा हड़प गए. इन पीड़ितों ने कई बार पत्र लिखा, फोन किया, पर पेमेंट नहीं हुआ. अब एक पीड़ित अभिजीत कुमार ने लीगल नोटिस भेजा है. पढ़िए.




आप भी अगर महुआ न्यूज के या किसी न्यूज चैनल के पीड़ित हैं, आपका हक चैनल ने मार रखा है, पैसा नहीं दिया है, तो आप भी अपने चैनल को लीगल नोटिस भेजें, उसका फार्मेट इसी तरह का रख सकते हैं, जैसा अभिजीत ने अपने वकील के माध्यम से भिजवाया हुआ है.
-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया
भड़ास तक सूचनाएं [email protected] के जरिए पहुंचा सकते हैं.






