युवा पत्रकार व लेखकर सुबोध कुमार नंदन की दूसरी पुस्तक 'बिहार के मेले' का विमोचन सूबे के शिक्षा मंत्री पीके शाही व ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने पटना पुस्तक मेले में किया. इस मौके पर शिक्षा मंत्री पीके शाही ने कहा कि यह पुस्तक खासकर हमारी युवा पीढ़ी के लिए उपयोगी साबित होगी. क्योंकि सूबे के कई लोकप्रिय और प्राचीन मेलों का अस्तित्व समाप्त हो चुका है. वैसी स्थिति में उन मेलों की जानकारी उपलब्ध हो रही है तो यह काफी सराहनीय कार्य है.
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक वैसे समय में बाजार में आई है जब सूबे का शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है. इससे इस पुस्तक की सार्थकता और बढ़ गई है. ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि 'बिहार के मेले' पुस्तक एक धरोहर के रूप में सामने आई है. श्री यादव ने कहा कि इस पुस्तक में कई ऐसे मेले का उल्लेख किया गया है जिनसे मैं स्वयं अवगत नहीं था. सांसद अली अनवर ने कहा कि सांस्कृतिक व आर्थिक महत्व के साथ-साथ हर मेले का अपना अपना इतिहास है, अपनी अपनी संस्कृति और अपनी अपनी परम्पराएं भी हैं. लेकिन बदलते समय में खासकर ग्रामीण मेलों का अस्तित्व खतरे में है. वैसी स्थिति में यह पुस्तक नई पीढ़ी के लिए मील का पत्थर साबित होगी.

इस पुस्तक का प्रकाशन प्रभात प्रकाशन, नई दिल्ली ने किया है. 127 पृष्ठों की इस पुस्तक में सूबे के 122 मेलों की जानकारियां देने का प्रया किया गया है. पुस्तक को पांच अध्यायों में बांटा गया है। पहले अध्याय में मगध, दूसरे अध्याय में बज्जिकांचल, तीसरे अध्याय में भोजपुरी, चौथे अध्याय में मिथिलांचल तथा पांचवें व अंतिम अध्याय में अंग क्षेत्र को रखा गया है. हर खंड में मेले की जानकारी देने से पहले एक नजर के तहत वहां की भाषा, कला, संस्कृति, कहावत, लोकगाथा, लोकसंगीत, लोकनृत्य, रीति-रिवाज, खानपान, पर्व-त्योहार आदि की संक्षिप्त जानकारी देने की कोशिश की गई है. उल्लेखनीय है कि गत वर्ष सुबोध कुमार नंदन लिखित पहली पुस्तक 'बिहार के पर्यटन स्थल और सांस्कृतिक धरोहर' पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री नीतीश्ा कुमार ने किया था. इस पुस्तक को राहुल सांकृत्यायन राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था.





