रायपुर से प्रकाशित दैनिक भास्कर में इन बाइ लाइन के चक्कर में दिनों बासी, घिसी-पीटी और भ्रामक खबरें एक्सक्लूसिव के रूप में प्रकाशित हो रही है। इसकी बानगी पेश है। जिसमें नई दुनिया में 25 और 26 फरवरी को प्रकाशित खबर को भास्कर ने 17 मार्च को एक्सक्लूसिव बनाकर प्रथम पृष्ठ पर प्रकाशित किया है। इतना ही नहीं 6 मार्च को इसी तरह की खबर नक्सलियों ने मोइबल फोन किया बैन शीर्षक से प्रकाशित समाचार पूरी तरह से भ्रामक है।
नक्सलियों ने बस्तर में कहीं मोबाइल पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। यह खबर राज्य के आला पुलिस अधिकारी के हवाले से लगाई गई है। जबकि कायदे से बस्तर के दूर संचार विभाग के अधिकारियों से बातचीत करके लगाई जानी चाहिए थी।

नईदुनिया

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दैनिक भास्कर
एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.






