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”पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई, असुरक्षित महसूस कर रहा हूं मैं”

मैं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा हूँ. कटनी में भाजापा नेताओं का गुंडाराज दिनांक 8 फरवरी को देखने को मिला, जब दिनदहाड़े बस स्टैंड से मुझे गुंडों ने उठा लिया. उसके बाद एफ़आईआर दर्ज करवाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. मैं एक पत्रकार हूँ और एमपी मिरर मासिक पत्रिका के लिए कटनी ब्यूरो चीफ हूँ. इन दिनों मध्य प्रदेश में कुछ ऐसा ही चल रहा है. पिछले दिनों एक अखबार में रीठी सहकारी समिति में धान खरीदी में हुई धांधली के लिए मैं खबर लिखने के लिए एक-दो बार समिति के कार्यालय भी गया. इसी सिलसिले में मुझे रीठी सहकारी समिति के सेल्स मैन द्वारा फोन पर धमकी भी दी गयी.

मैं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा हूँ. कटनी में भाजापा नेताओं का गुंडाराज दिनांक 8 फरवरी को देखने को मिला, जब दिनदहाड़े बस स्टैंड से मुझे गुंडों ने उठा लिया. उसके बाद एफ़आईआर दर्ज करवाने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. मैं एक पत्रकार हूँ और एमपी मिरर मासिक पत्रिका के लिए कटनी ब्यूरो चीफ हूँ. इन दिनों मध्य प्रदेश में कुछ ऐसा ही चल रहा है. पिछले दिनों एक अखबार में रीठी सहकारी समिति में धान खरीदी में हुई धांधली के लिए मैं खबर लिखने के लिए एक-दो बार समिति के कार्यालय भी गया. इसी सिलसिले में मुझे रीठी सहकारी समिति के सेल्स मैन द्वारा फोन पर धमकी भी दी गयी.

मुझसे कहा गया कि बहुत बड़े पत्रकार बनते हो. मेरे भतीजों का खून गरमा है कुछ भी हो सकता है, बाद में मत कहना. इसी तरह के फोन मेरे मित्रों और परिचितों को भी किया गया. इसकी मौखिक सूचना 8 फरवरी को ही मैंने रीठी टीआई आरपी तिवारी को भी दी. उन्होंने आश्वस्त किया, लेकिन शाम सवा छह बजे मुझे बस स्टैंड से दस बारह लडकों ने उठा लिया. सभी अनिल राय के भतीजे और रिश्‍तेदार थे. असल में धान खरीदी में किसानों से धान न खरीद कर रीठी तथा क्षेत्र के व्यापारियों से धान खरीदी गयी. धान की तुलाई और पल्लेदारी के नाम पर प्रति बोरी पंद्रह से बीस रुपये लिया गया. पल्लेदारों को रोज भुगतान किया गया जबकि खाते से इस मद की राशि बाद में एक मुश्त निकाली गयी.

इसकी किसी ने शिकायत क्षेत्रीय विधायक को दी. उन्होंने इसकी जाँच हेतु आदेश दिए. जब जांचदल रीठी पंहुचा तब वहां पर लीड सेल्स मैन तथा धान खरीदी का मुखिया अनिल राय नहीं मिला और न ही कोई रिकार्ड प्रस्तुत किया गया. मुझे उठाकर ले जाने में रीठी पुलिस की निष्क्रियता स्पष्ट नजर आती है क्योंकि जब मैंने दोपहर को सूचित कर दिया था तो फिर टीआई रीठी ने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया. 13 तारीख की शाम को एक बार फिर से अनिल राय के भतीजे शराब पीकर पोस्ट आफिस तिराहे पर सरिया लेकर घूम रहे थे और पत्रकारों को गाली दे रहे थे. अभी तक पुलिस ने किसी प्रकार की चौकसी नहीं लगाई है और ऐसा लगता है कि पुलिस अनिल राय का साथ दे रही है. क्योकि अनिल राय की पत्नी भाजापा की नेता है. मै असुरक्षित महसूस कर रहा हूँ.

अखिलेश उपाध्‍याय

पत्रकार

कटनी, मध्‍य प्रदेश

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