Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

पुलिस प्रशासन डाल डाल तो महाठग कमल पात पात

महाठग कमल सिंह के लोगों का करोडों डुबो कर भागने के दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन कमल को गिरफ्तार करने की बात तो बहुत दूर, कमल का सुराग तक नहीं लगा पाया है. पुलिस प्रशासन की इस असफलता के कारण निवेशकों का अब पक्का यकीन होने लगा है कि अब न तो कमल  पकड़ा जाएगा, न ही हमारा पैसा वापस मिलेगा. 
महाठग कमल सिंह के लोगों का करोडों डुबो कर भागने के दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन कमल को गिरफ्तार करने की बात तो बहुत दूर, कमल का सुराग तक नहीं लगा पाया है. पुलिस प्रशासन की इस असफलता के कारण निवेशकों का अब पक्का यकीन होने लगा है कि अब न तो कमल  पकड़ा जाएगा, न ही हमारा पैसा वापस मिलेगा. 
 
जादूगोड़ा के लोगों का कहना है कि कमल पुलिस प्रशाशन से चार नहीं दस कदम आगे चल रहा है, पुलिस  डाल-डाल तो कमल पात-पात, पुलिस केवल इश्तेहार चिपकाकर अपनी जिम्मेदारी निभा रही है. दो माह बीत जाने के बाद भी पुलिस कमल के एक भी प्रतिष्ठान की जांच तक नहीं कर पायी है. ना तो कुर्की जब्ती की है और ना ही कमल सिंह को अभी तक भगोड़ा घोषित किया गया है. वैसे भी कमल का दिमाग किसी कंप्यूटर से कम नहीं था इसी दिमाग की बदौलत उसने यूसिल के बड़े बड़े अधिकारियों तक को नहीं बख्शा. कुछ अधिकारियों ने तो इतना पैसा कमल के कंपनी में इन्वेस्ट कर रखा है जितना शायद उन्होंने आज तक तनख्वाह भी नहीं पाई हो.
 
क्या किया है पुलिस प्रशासन ने अब तक: जादूगोड़ा पुलिस द्वारा कमल उसका भाई दीपक सिंह और उसके एजेंटों को मिलाकर लगभग 25 लोगों पर वारंट  निकाला जा चुका है. पुलिस द्वारा दो लोगों ओमप्रकाश सेनगुप्ता और संजीत दास को गिरफ्तार किया गया है. बोकारो पुलिस द्वारा कमल सिंह की माँ राजमणी देवी को गिरफ्तार किया गया है. कमल के धनबाद स्थित ससुराल में जादूगोड़ा पुलिस द्वारा छापेमारी की गयी पर पहले ही सूचना मिल जाने के कारण सभी फरार हो गए, पुलिस को खाली हाथ धनबाद से लौटना पड़ा. पुलिस द्वारा कमल सिंह के प्रतिष्ठानों में कुर्की जब्ती के लिए कोर्ट से आदेश मांगा गया है. कमल के मॉल, राज बाज़ार, राज केक, राज ऑफिस, कमल के एजेंट रूद्र नारायण भकत, इच्डा गांव का जुआं संचालक सह कमल का बड़ा एजेंट तुलसी भकत और अन्य फरार एजेंटों के घरों में इश्तेहार चिपकाया गया है.
 
नेताओं ने क्या किया: सबसे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रमेश हांसदा की अध्यक्षता में जादूगोड़ा मोड़ चोक पर कमल के खिलाफ धरना दिया और कमल की गिरफ्तारी की मांग की. इसके बाद उपायुक्त से मिलकर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा था कि जबरदस्त आंदोलन किया जाएगा, लेकिन पिछले एक महीने से आश्चर्यजनक रूप से सभी ठंडे पड़ गए हैं.
 
भारतीय जनता पार्टी के अशोक विश्वकर्मा ने कमल और यूसिल के अधिकारियों की मिलिभगत को लेकर उचित जांच कराने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को आवेदन देकर मांग की. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी भी आश्चर्यजनक रूप से खामोश हो गयी है.
 
कमल मुद्दे पर झारखंड विकास मोर्चा की कोई दिलचस्पी नहीं है. झाविमो की ओर से अभी तक कोई विरोध प्रदर्शन जादूगोड़ा में नहीं हुआ है. कांग्रेस भी आश्चर्यजनक रूप से इस मुद्दे से दूर है. उन्होंने भी अभी तक कोई  विरोध प्रदर्शन नहीं किया है. हांलाकि कमल के भागने  के कई माह पहले ही झामुमो के विधायक रामदास सोरेन ने लोगों को चेताया था की एक लाख में पांच लाख कैसे?
 
एक पत्रकार द्वारा भेजे गये पत्र पर आधारित


जादूगोड़ा चिटफंड घोटाले से जुड़ी अन्य खबरों के लिए क्लिक करें- भड़ास पर जादूगोड़ा
Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...