Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

पुष्कर शुक्ला हत्याकांड: धर्मेन्द्र कुमार सिंह दीनू नहीं बल्कि धर्मेन्द्र सिंह पत्रकार गए थे दिल्ली

वाराणसी। केबल ऑपरेटर पुष्कर शुक्ला हत्या काण्ड में नया मोड़ आया है। लाइव वीएनएस कि तफ्तीश में न सिर्फ पूरे मामले में भारी झोल सामने आया है बल्कि पुलिस से लेकर वाराणसी के प्रतिष्ठित अखबार में उच्च पदों पर बैठे हुए पत्रकार भी इस हत्याकांड में आरोपियों को बचाने में जुटे रहे। गौरतलब है कि शिवपुर थाना क्षेत्र के इंद्रपुर इलाके में 16 दिसंबर 2012 को केबल आपरेटर पुष्कर शुक्ला की हत्या पीट पीटकर कर दी थी, जिसमे डेन केबल नेटवर्क के संचालक धर्मेन्द्र सिंह 'दीनू' सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। इस मामले में दीनू और राहुल श्रीवास्तव को छोड़कर बाकी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।
वाराणसी। केबल ऑपरेटर पुष्कर शुक्ला हत्या काण्ड में नया मोड़ आया है। लाइव वीएनएस कि तफ्तीश में न सिर्फ पूरे मामले में भारी झोल सामने आया है बल्कि पुलिस से लेकर वाराणसी के प्रतिष्ठित अखबार में उच्च पदों पर बैठे हुए पत्रकार भी इस हत्याकांड में आरोपियों को बचाने में जुटे रहे। गौरतलब है कि शिवपुर थाना क्षेत्र के इंद्रपुर इलाके में 16 दिसंबर 2012 को केबल आपरेटर पुष्कर शुक्ला की हत्या पीट पीटकर कर दी थी, जिसमे डेन केबल नेटवर्क के संचालक धर्मेन्द्र सिंह 'दीनू' सहित पांच लोगों को नामजद किया गया था। इस मामले में दीनू और राहुल श्रीवास्तव को छोड़कर बाकी अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया जा चुका है।
 
नामजद होने के बाद से ही डेन संचालक धर्मेन्द्र कुमार सिंह 'दीनू' अपने को बचाने के लिए तरह-तरह के आपराधिक हथकंडे अपनाते रहे। धर्मेन्द्र सिंह दीनू ने घटना के एक दिन पहले यानि 15 दिसंबर को एयर इंडिया फ्लाईट से खुद को दिल्ली जाना बताया, जिसकी फलाइट बोर्डिंग का समय शाम 3:20 का टिकट में दिखाया है तथा 16 दिसंबर को स्पाइस जेट से वापस आने दिखाया गया है। यही नहीं दिल्ली आने जाने के समर्थन में आरोपी दीनू ने अपने मोबाइल का लोकेशन भी पुलिस को रिकार्ड के रूप में दिया है। जिसको प्रमुख समाचार पत्रो ने प्रमुखता से प्रकाशित भी किया है । अब जऱा आपको दिखाते है कि www.livevns.com कि तप्तीश में क्या निकला ——
 
सबसे पहले www.livevns.com कि टीम ने दीनू द्वारा पुलिस को दिए गए  मोबाइल नंबर 9415300484 एवं 9415207099 के काल डीटेल को खंगाला जिसे देखने पर एक के बाद एक नए खुलासे हुए। दरअसल दीनू के दोनों मोबाइल का लोकेशन हमेशा अलग अलग रहा है। www.livevns.com टीम ने पूरे मामले को संदिग्ध मानते हुए जब अपनी जांच को आगे बढ़ाया तो पूरा रहस्य खुल गया। दरअसल मोबाइल नंबर 9415300484 का नाम और पता धर्मेन्द्र कुमार सिंह पुत्र श्री आदित्य प्रसाद सिंह पता 4/768 शास्त्री चौक रामनगर वाराणसी तथा मोबाइल नंबर 9415207099 का धर्मेन्द्र सिंह मकान नंबर डी 64/87 बी-1 माधोपुर सिंगरा वाराणसी का निकला। यानी कि एक ही व्यक्ति द्वारा दो पते से मोबाइल नंबर लेने कि बात सामने आई। तब www.livevns.com टीम ने जांच का दायरा और बढ़ाया और दोनों पते का भौतिक सत्यापन किया जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि एक नाम के दो व्यक्ति हैं और दोनों अलग अलग पते पर रहते हैं, दोनों आपस में बात भी करते हैं, रामनगर वाले उपरोक्त पते पर धर्मेन्द्र कुमार सिंह 'दीनू' तथा माधोपुर वाले पते पर पत्रकार से नेता बने धर्मेन्द्र सिंह रहते हैं। साथ ही पत्रकार से नेता बने धर्मेन्द्र सिंह ही मोबाइल नंबर 9415207099 का उपयोग करते हैं और 9415207099 का ही लोकेशन बाबतपुर एयर पोर्ट पर आने और जाने का है जबकि मोबाइल नंबर 9415300484 का लोकेशन वाराणसी में है। इस तथ्य से स्पष्ट हुआ कि पुष्कर शुक्ला की हत्या एक सोची समझी साजिस के तहत की गई थी।
 
इसके बाद www.livevns.com पूरे मामले का पोस्टमार्टम करने में जुट गया. अब www.livevns.com की टीम ने जब एयर टिकट की जांच की तो 15 दिसम्बर 2012 को एयर इंडिया के ई-टिकट नंबर 0983200148537 किसी SINGH/DMR के नाम से बना पाया। वाराणसी एयर पोर्ट पर बोर्डिंग का समय 3:20 है। इसके बाद दिल्ली से वापसी का टिकट स्पाइस जेट कि भी जांच कि गयी तो टिकट  नंबर ALMTLE को वाराणसी के वर्ड व्यू ट्रेवेल मिंट हॉउस कैंट वाराणसी से दिनांक 16 दिसंबर 2012 को D.SINGH के नाम से बुक कराया गया है। जिसका दिल्ली से शाम 4 बजकर 5 मिनट पर उड़कर 5 बजकर 25 मिनट पर वाराणसी एअरपोर्ट पर लैंडिंग का समय निर्धारित है। यानी कि किसी धर्मेन्द्र सिंह (धर्मेन्द्र कुमार सिंह दीनू नहीं) ने उपरोक्त टिकट से यात्रा की है। अब जरा धर्मेन्द्र कुमार सिंह 'दीनू' और पत्रकार से नेता बने धर्मेन्द्र सिंह के नामो में प्रमुख अंतर समझ लें। हत्यारोपी दीनू अपना पूरा नाम धर्मेन्द्र कुमार सिंह लिखता है और हत्याकांड के पूर्व निचली अदालत से लेकर उच्च न्यायालय में शपथ पत्र भी धर्मेन्द्र कुमार सिंह के नाम से दिया न कि धर्मेन्द्र सिंह के नाम से। हत्यारोपी दीनू का पासपोर्ट भी धर्मेन्द्र कुमार सिंह के नाम पर है। जबकि पत्रकार से नेता बने धर्मेन्द्र, धर्मेन्द्र सिंह लिखते हैं जिसका अंग्रेजी में शार्ट नाम SINGH /DHR या D SINGH हो सकता है। इससे भी स्पष्ट होता है कि D SINGH के नाम पर हत्यारोपी धर्मेन्द्र सिंह दीनू नहीं बल्कि पत्रकार से नेता बने धर्मेन्द्र सिंह ने उपरोक्त यात्रा की है।
 
यही नहीं विवेचना को गुमराह करते हुए तथा घटना के प्रत्यक्षदर्शियों को झूठा साबित करने के लिए पुलिस और पत्रकारों का भी बखूबी इस्तेमाल किया गया। तत्कालीन कप्तान बी डी पाल्सन, तत्कालीन एसपी सिटी संतोष सिंह से भी अभियुक्त धर्मेन्द्र कुमार सिंह दीनू कि बातचीत के प्रमाण काल डिटेल में है। जनता और पत्रकारो को गुमराह करने के लिए वरिष्ठ पत्रकारों का भी सहारा लिया गया है। पत्रकार से नेता बने धर्मेन्द्र सिंह ने अपने पुराने साथियों का भरपूर उपयोग किया है। एक प्रमुख समाचार पत्र के तत्कालीन सिटी चीफ से लेकर न्यूज एडिटर तक से बातचीत के प्रमाण काल डिटेल में है और अखबारों ने भी घटना के दिन हत्यारोपी दीनू को दिल्ली में रहने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया है। इससे भी लगता है कि पूरी तैयारी के साथ घटना को अंजाम दिया गया है ।
 
तमाम तप्तीश से www.livevns.com कि टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पुष्कर शुक्ला हत्याकांड को सोची समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। इस पूरी घटना को अंजाम देने से पहले बचने के उपाय/तरीके का निर्माण किया गया है। अब जरा घटना का एक स्क्रिप्ट तैयार करते हैं। अपने व्यावसायीक लाभ के लिए धर्मेन्द्र कुमार सिंह दीनू ने आपराधिक साजिश रचते हुए हत्या में नामजद अभियुक्तो को मिलाकर स्थानीय केबल आपरेटर  पुष्कर शुक्ला के इलाके में अवैध केबल तार फैलाया। जब पुष्कर शुक्ला ने विरोध किया तो पहले से दर्जनो कि संख्या में हमलावरो ने लाठी डंडे से पीटकर पुष्कर की हत्या कर दी।
  
डेन संचालक धर्मेन्द्र कुमार सिंह दीनू का पारिवारिक गैंग है। 
गैंग का सरगना रामनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर नागेश कुमार सिंह है। 
फर्जीवाड़े और आपराधिक इतिहास के बल पर करोङों रुपये अवैध बनाये हैं। 
अगर दीनू के पारिवारिक गैंग पर नजर डालें तो सबकुछ शीशे की तरह साफ हो जायेगा। दीनू ,नागेश ,संजय, विपिन,सत्येन्द्र पिंटू के खिलाफ गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर ,लूट ,हत्या ,हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी के दर्जनो आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं।
 
माया शुक्ला के फर्जी प्रार्थना पत्र पर कराई थी विवेचना ट्रांसफर 
उच्च  न्यायालय ने ख़ारिज की है सीबीसीआईडी विवेचना
निचलीअदालत से लेकर उच्चतम न्यायालय ने ख़ारिज की है दीनू कि याचिका 
 
उच्च न्यायालय ने जब सीबीसीआईडी कि विवेचना स्थगित की तो दीनू ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दाखिल कि थी जिसे उच्चतम न्यायालय ने ख़ारिज कर दिया है। जिसके कारण पुलिस के सामने अब दीनू के गिरफ़्तारी के सिवा कोई चारा नहीं दिख रहा है। वैसे दीनू अपने ऊंची पहुच का लाभ लेते हुए अभी तक कानून से बचते रहे है। अब ये देखना है कि आखिर कब पुष्कर का हत्यारा डेन संचालक धर्मेन्द्र कुमार सिंह दीनू कानून के शिकंजे में आता है।
 
(साभार- लाइववीएनएस.काम)
Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...