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पेड न्यूज के किसी भी मामले में शिकायत साबित नहीं हुई : चुनाव आयोग

नई दिल्ली : पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान अपने पक्ष में खबर के प्रकाशन के लिये विभिन्न मीडिया संगठनों को भुगतान करने वाले उम्मीदवारों को चुनाव आयोग ने अब तक 167 नोटिस जारी किये हैं। सबसे ज्यादा 129 नोटिस पंजाब के उम्मीदवारों को जारी किये गये जबकि उत्तरप्रदेश में 38 नोटिस जारी किये गये। पंजाब में 30 जनवरी को चुनाव संपन्न हो गया जबकि उत्तरप्रदेश में सात चरणों में मतदान होना है। अधिकारियों ने कहा कि मणिपुर और उत्तराखंड में पेड न्यूज देने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है जहां क्रमश: 28 और 30 जनवरी को चुनाव हो गये।

नई दिल्ली : पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों के दौरान अपने पक्ष में खबर के प्रकाशन के लिये विभिन्न मीडिया संगठनों को भुगतान करने वाले उम्मीदवारों को चुनाव आयोग ने अब तक 167 नोटिस जारी किये हैं। सबसे ज्यादा 129 नोटिस पंजाब के उम्मीदवारों को जारी किये गये जबकि उत्तरप्रदेश में 38 नोटिस जारी किये गये। पंजाब में 30 जनवरी को चुनाव संपन्न हो गया जबकि उत्तरप्रदेश में सात चरणों में मतदान होना है। अधिकारियों ने कहा कि मणिपुर और उत्तराखंड में पेड न्यूज देने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है जहां क्रमश: 28 और 30 जनवरी को चुनाव हो गये।

उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा पेड न्यूज की शिकायत क्षेत्रीय और स्थानीय मीडिया प्रकाशकों के खिलाफ हुई। बहरहाल किसी भी मामले में शिकायत साबित नहीं हुई है। चुनाव पैनल अंतिम विचार बाद में तय करेगा और वह उम्मीदवारों के जवाब का इंतजार कर रहा है। दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि इस संबंध में प्राप्त सभी शिकायतों को संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को भेज दिया गया और उन्होंने नोटिस जारी किये। शिकायत संबंधित जिले एवं राज्य स्तरीय मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समितियां प्राप्त करेंगी। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि इस बार विधानसभा चुनावों के दौरान पेड न्यूज से संबंधित कम शिकायतें हैं और संभावित परिणाम को लेकर उम्मीदवार सजग हो गये हैं।

चुनाव आयोग ने 20 अक्तूबर 2011 को बिसौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमलेश यादव को अयोग्य घोषित कर दिया था। उन्हें 2007 के विधानसभा चुनावों में मीडिया संगठनों को भारी भरकम राशि देकर अपने पक्ष में खबर प्रकाशित करवाने का दोषी पाया गया। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि यह मामला उम्मीदवारों के लिये भविष्य में बाधक का काम करेगा। बहरहाल उन्होंने स्वीकार किया कि इस बार उम्मीदवार मीडिया घरानों की मिलीभगत से नये तरीकों का इजाद कर आयोग को चकमा देने का प्रयास कर सकते हैं। पिछले वर्ष अप्रैल और मई में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान केरल से 41 शिकायतें मिली थीं जबकि पश्चिम बंगाल से 23, तमिलनाडु से 147 और पुदुचेरी से चार शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन शिकायतों की अब भी जांच हो रही है।

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