भोपाल। यदि चुनाव के दौरान किसी पार्टी का उम्मीदवार पैसे देकर अपने विरोधी के पक्ष में या विरोध में खबरें प्रकाशित या प्रसारित कराता है तो उसकी जांच कैसे होगी? यह खर्च तो संबंधित उम्मीदवार के खाते में जोड़ दिया जाएगा जबकि उसने यह खर्च किया ही नहीं। पेड न्यूज के संबंध में इस प्रकार की गड़बड़ियां रोकने के लिए निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने क्या पुख्ता व्यवस्था की है।
कलेक्टर कार्यालय में सोमवार को आयोजित जिला स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी शर्मा एवं अन्य नेताओं ने यह सवाल पूछे तो अधिकारी बगलें झांकते नजर आए। बैठक में अपर कलेक्टर बसंत कुर्रे, एडीएम बीएस जामोद सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
कुर्रे ने बैठक में पेड न्यूज के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड न्यूज पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनाई जाएगी, जो उम्मीदवारों के पक्ष और विपक्ष में छपने वाली खबरों की जांच कर खर्च संबंधित उम्मीदवार के खाते में जोड़ने का काम करेगी।






