गोवा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के तहत कई पत्रकार सोमवार राज्य विधानसभा सत्र के दौरान काली पट्टी बांधे नजर आए. गोवा के राज्यपाल बी वी वांचू के संबोधन के साथ आज से शुरू हुए सत्र के दौरान पत्रकारों ने कलाई पर काली पट्टी बांध कर हिस्सा लिया. पार्रिकर की ओर से मीडिया में पेड न्यूज और इस पर विपक्षी कांग्रेसी पार्टी का नियंत्रण होने के आरोपों के बाद गोवा में पत्रकारों के शीर्ष संगठन जीयूजे ने पार्रिकर से लिखित रूप से माफी की मांग की.
हाल में एक सार्वजनिक समारोह में पार्रिकर ने कहा था, ‘रिपोर्टरों की सैलरी कितनी है? न्यूज रीडरों को कितना पैसा मिलता है? शायद 25,000 रूपये. उनमें अधिकतर स्नातक किये होते हैं. वे बड़ा सोचने वाले बौद्धिक नहीं होते. वे खबर लिखते हैं, जैसा वे समझते हैं.’
जीयूजे अध्यक्ष किशोर नायक गाओनकर ने कहा कि यूनियन ने मुख्यमंत्री से उनके इस बयान पर माफी मांगने का आग्रह किया था लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला. नायक ने कहा ‘पिछले सोमवार को हमने उनसे मीडिया के खिलाफ बयान के लिए माफी मांगने का अनुरोध किया,लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला. इसलिए, हमने काली पट्टी बांधकर विरोध जताने का फैसला किया. जब तक माफी नहीं मांगी जाती हम पूरे सत्र तक अपना विरोध जारी रखेंगे.






