: पेड न्यूज छापने वाले अखबारों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई : इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दबंग राजनेता डीपी यादव की पत्नी उमलेश यादव पर लगाए गए चुनाव आयोग के बैन के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। चुनाव आयोग ने उमलेश को पेड न्यूज छपवाने और चुनावी खर्च का सही ब्यौरा न पेश करने के चलते चुनाव लड़ने से 3 साल के लिए अयोग्य ठहरा दिया है। अब वह 3 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगी।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति भारती सप्रू की खंडपीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस याचिका में कोई भी ठोस और प्रासंगिक तथ्य नहीं है। उमलेश 2007 में बिसौली विधानसभा सीट से निर्वाचित घोषित हुई थी। उन्होंने चुनाव अपने पति की पार्टी राष्ट्रीय परिवर्तन दल के बैनर तले लड़ा था। 27 अप्रैल 2007 को संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में मतदान से एक दिन पहले प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से शिकायत की गई कि 2 हिंदी अखबार दैनिक जागरण तथा अमर उजाला में उमलेश की तारीफ में रिपोर्ट छापी गई, जिसके लिए उमलेश ने इन अखबारों को भारी-भरकम राशि भी दी।
प्रेस काउंसिल के 31 मार्च 2010 को दिए गए फैसले में कहा गया कि इन अखबारों में उमलेश की तारीफ में छपी रिपोर्ट्स एक विज्ञापन ही थी, जिसे न्यूज आइटम्स की शक्ल में छापा गया था। प्रेस काउंसिल ने इस मामले को आगे कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को भेज दिया। चुनाव आयोग ने इस सारे मामले की जांच के बाद जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा के तहत 20 अक्टूबर 2011 से उमलेश के चुनाव लड़ने पर 3 साल की रोक लगा दी। संयोगवश उमलेश के पति डीपी यादव पूर्व विधायक और कई पार्टियों से जुड़े रह चुके हैं। उनका बेटा विकास यादव नीतीश कटारा हत्याकांड में मुख्य आरोपी है। (पीटीआई)






