सेवा में, मुख्य चुनाव अधिकारी, विधानसभा निर्वाचन-2012, उत्तर प्रदेश। विषय- सोनभद्र में पेड न्यूज की निगरानी के लिए गठित प्रशासनिक समिति के संदर्भ में…। महोदय! अवगत कराना है कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा निर्वाचन-2012 में पेड न्यूज पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर पर पेड न्यूज निगरानी समिति का गठन करने का निर्देश दिया है। केंद्रीय चुनाव आयोग के निर्देश के तहत राज्य के सभी जिलों में जिला प्रशासन ने पेड न्यूज निगरानी समिति का गठन भी किया है। सोनभद्र में भी पेड न्यूज की निगरानी के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक समिति का गठन किया गया है जिसमें जिलाधिकारी बतौर जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में अध्यक्ष हैं।
समिति के अन्य सदस्यों के रूप में जिला सूचना अधिकारी के रूप में भी एक प्रशासनिक अधिकारी की नियुक्ति की गई है क्योंकि यहां पर पिछले कई सालों से जिला सूचना अधिकारी का पद खाली है। इसके अलावा समिति में जिला मनोरंजनकर अधिकारी और आकाशवाणी ओबरा के प्रभारी को शामिल किया गया है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि इन लोगों के अलावा समिति में बतौर पत्रकार और समाजसेवी के रूप में पूरी तरह से एक व्यवसायिक व्यक्ति को शामिल किया गया है, जिनका नाम डॉ. जिन्दल है। डॉ. जिंदल एक चिकित्सक हैं। उनका सामाजिक सेवा में इस इलाके में कोई भी बड़ा योगदान नहीं है। इसकी आप जांच भी करा सकते हैं। रही बात पत्रकारिता के क्षेत्र की तो उनका पत्रकारिता से भी कोई लेना देना नहीं है। डॉ. जिंदल पूर्णतया एक व्यवसायिक व्यक्ति हैं जो व्यक्तिगत लाभ के लिए अखबार का प्रकाशन करते हैं। न्यायाधीश नाम से प्रकाशित होने वाले समाचार-पत्र के मालिक, प्रकाशक और संपादक डॉ जिंदल खुद ही हैं, जिसकी मुश्किल से हजार प्रतियां प्रकाशित होंगी। रही बात जनता में इस अखबार के प्रसार की तो उसकी भी आप जांच करा सकते हैं। वे इस अखबार को सिर्फ सरकारी और निजी विज्ञापनों से होने वाली आमदनी के लालच में प्रकाशित करते हैं। अगर पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके व्यक्ति योगदान की बात करें तो वे समाचार-पत्र की एक लाइन तक नहीं लिखते और ना ही संपादन करते हैं। सोनभद्र में एक कमरे में उनका दफ्तर चलता है, जहां वो खुद भी नहीं बैठते। वे हमेशा अपने क्लिनिक में बैठे रहते हैं और मरीजों के इलाज में मशगूल रहते हैं। जिसकी जांच भी कराई जा सकती है।
पूरी तरह से एक व्यवसायिक व्यक्ति को पेड न्यूज की निगरानी करने वाली समिति में शामिल किया गया है जिसे ठीक नहीं कहा जा सकता। ना ही इस कदम से केंद्रीय चुनाव आयोग की मंशा पूरा होती है। डॉ. जिंदल के अलावा सोनभद्र में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनका समाज के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान है। डॉ. जिंदल को पेड न्यूज की जिला निगरानी समिति में शामिल किया जाना एक साजिश का हिस्सा है। साथ ही उत्तर प्रदेश के इस पिछड़े जिले में ईमानदारी से पत्रकारिता करने वालों की उपेक्षा। सूत्रों की माने तो डॉ. जिंदल को पेड न्यूज की जिला निगरानी समिति में जिला सूचना कार्यालय में तैनात उर्दू अनुवादक अनुवादक निसार अहमद की सलाह पर शामिल किया गया है जो आए दिन यहां के अच्छे पत्रकारों को नीचा दिखाने के लिए तरह-तरह की कोशिश करते रहते है। पिछले कई सालों से जिला सूचना अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने के कारण निसार अहमद ही यहां के कार्यों का संपादन करते रहते हैं, जिसके कारण पत्रकारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अतः आपसे निवेदन है कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग की निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने की मंशा को पूरा करने के लिए इस पूरे मामले की जल्द से जल्द जांच कराकर डॉ. जिंदल को पेड न्यूज की निगरानी समिति से बाहर करें। साथ ही उनके स्थान पर एक ऐसे पत्रकार या समाजसेवी को निगरानी समिति में शामिल करें जो जिम्मेदारी के साथ चुनाव आयोग की मंशा को पूरा कर सके।
भवदीय
शिव दास
ग्राम- तिनताली, पोस्ट-बहुअरा
जिला-सोनभद्र पिन कोड- 231216






