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पेमा, जालंधर की एजीएम में मीडिया राइट्स एंड प्रोटैक्शन एक्ट का खाका पेश

जालंधर : देश में मीडिया पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंतित प्रिंट एंड इलैकट्रोनिक मीडिया एसोसिएशन, जालंधर (पेमा) ने मीडियापर्सन्स को स्पैशल एक्ट से कवर करने की दिशा में पहलकदमी है। देश के प्रमुख राज्य पंजाब की मीडिया सिटी जालंधर में पत्रकारों की भलाई के लिए काम कर रही संस्था की शनिवार को आयोजित एनुयल जनरल मीटिंग (एजीएम) में एक्ट का खाका पेश किया गया। प्रधान संजीव कुमार टोनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लीगल सैल के चेयरमैन राजेश कपिल ने एक्ट का खाका पेश किया जिसको और भी प्रभावशाली बनाने के लिए सभी सदस्यगणों से एक सप्ताह में सुझाव दाखिल करने की अपील की गई है। 
 
जालंधर : देश में मीडिया पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंतित प्रिंट एंड इलैकट्रोनिक मीडिया एसोसिएशन, जालंधर (पेमा) ने मीडियापर्सन्स को स्पैशल एक्ट से कवर करने की दिशा में पहलकदमी है। देश के प्रमुख राज्य पंजाब की मीडिया सिटी जालंधर में पत्रकारों की भलाई के लिए काम कर रही संस्था की शनिवार को आयोजित एनुयल जनरल मीटिंग (एजीएम) में एक्ट का खाका पेश किया गया। प्रधान संजीव कुमार टोनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लीगल सैल के चेयरमैन राजेश कपिल ने एक्ट का खाका पेश किया जिसको और भी प्रभावशाली बनाने के लिए सभी सदस्यगणों से एक सप्ताह में सुझाव दाखिल करने की अपील की गई है। 
 
एक्ट का खाका ड्राफ्ट करने वाले पत्रकार व लीगल सैल के चेयरमैन राजेश कपिल ने बताया कि शक्तिशाली व प्रवाभशाली एक्ट बनाने के लिए इसमें सभी धाराएं गैर-जमानती व दोषी की संपति को केस के साथ अटैच करके क्षतिपूर्ति करने के प्रावधान शामिल किए गए है। साथ ही पत्रकार के प्रति अपमानजक टिप्पणी, कवरेज से रोकने के लिए मारपीट व कैमरा आदि छीनने को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखने का प्रावधान शामिल किए गए। प्रधान संजीव टोनी के अनुसार बीते जमाने में कवरेज के दौरान व न्यूज फाइल करने के बाद पत्रकारों को सिर्फ धमकियां मिलती थी लेकिन कानून की कमजोरियों को जानने के बाद मीडिया पर हमले काफी तेजी से बढ़े है। पत्रकार से मारपीट अब आम बात हो गई है और कुछ प्रभावशाली लोग हत्या करने या करवाने से भी गुरेज नहीं कर रहें है। ऐसे में पत्रकारिता की गरिमा को ठेस पहुंच रही है और अब पत्रकार इसी दवाब में खुलकर लिखने से गुरेज भी करने लग गए है। 
 
ऐसे में एक कठोर कानून को समय की जरूरत समझते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। एक्ट के प्रति सभी सदस्यों ने सहमति दे दी है, जल्द ही इसका फाइनल ड्राफ्ट करके सरकार को भेजा जाएगा। इस बाबत सूचना व प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी पहले ही सहमति दे चुके है और जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री व लोक संपर्क मंत्री विक्रमजीत सिंह मजीठिया तथा विपक्षी कााग्रेस पार्टी पर इसको प्रभावी रूप दिए जाने को लेकर दवाब बनाया जाएगा। इस मौके पर महासचिव राजेश टिंकू, अश्विनी खुराना, अर्जुन शर्मा, संक्रात सफरी, निखिल शर्मा, एडवोकेट राजकुमार भल्ला, संदीप साही, गगन वालिया, अनिल पाहवा, अमित शौरी, प्रदीप पंडित, जसपाल कैंथ, वरूण शर्मा, मनवीर वालिया, सतपाल, कुमार संजीव, मनजीत मनी, छिंदा, प्रदीप भल्ला, देव चीमा, परमजीत सिंह रंगपुरी सहित भारी संख्या पत्रकार व फोटो पत्रकार मौजूद थे।
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