शाहजहांपुर के थाना मिर्जापुर के दो सिपाहियों ने रविवार देर शाम दावत खाकर बाइक से घर लौट रहे एक पत्रकार की मोटरसाइकिल चेकिंग के दौरान मामूली कहासुनी पर जमकर पिटाई कर दी। जब इसकी सूचना उनके अन्य पत्रकार साथियों को हुई तो वह थाने पहुंचे और साथी की पिटाई पर एसओ से नाराजगी जताई। पीड़ित पत्रकार एसपी से मिला और आरोपी सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग की। एसपी ने सीओ जलालाबाद को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
पुलिसिया कहर का शिकार बना पत्रकार हरिओम बरेली से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र खुसरो मेल का मिर्जापुर संवाददाता है। रविवार शाम हरिओम अपने एक साथी नन्हें तिवारी के साथ बाइक से रैपुरा गांव में एक परिचित के घर दावत खाने गया था। रात करीब आठ बजे उधर से वापस आते वक्त कोला पुल के आगे खड़े दो सिपाहियों ने उसकी बाइक रोक ली। यह सिपाही पहले से ही वाहनों से वसूली कर रहे थे। लाल परी की झोक में सिपाहियों ने यह भी नहीं देखा कि बाइक सवार अपना परिचय दे रहा है। पर वह तो बिना घूस के बाइक छोड़ने को तैयार ही नहीं थे। उनसे बाइक के कागज दिखाने को कहा। बाइक के कागज हरिओम घर भूल गया था। जब हरिओम ने कहा कि वह पत्रकार है तो इसी बात पर सिपाही उसे पीटने लगे। उसके साथी को भी मारा और दोनों को बाइक समेत थाने ले आए। इसकी जानकारी जब अन्य पत्रकारों को हुई तो वे लामबंद होकर थाने पहुंचे। तब रात के नौ बजे काफी कोशिश के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ा। सोमवार को पत्रकार हरिओम कई साथी पत्रकारों के साथ एसपी से मिला और सारी घटना बताते हुए प्रार्थना पत्र देकर सिपाहियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। जिले के सभी पत्रकारों ने घटना पर रोष व्यक्त करते हुए आरोपी सिपाहियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
शाहजहांपुर से सौरभ दीक्षित की रिपोर्ट.






