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पोल खोलने वाले पत्रकारों का हो रहा पुलिसिया उत्‍पीड़न

: मनपावृत्‍त स्‍नेह सम्‍मेलन में पत्रकारों ने उठाई आवाज : मुंबई से प्रकाशित मराठी दैनिक मनपावृत्त की ओर से 26 नवंबर को गोवंडी के शिवाजी नगर में पत्रकारों का एक स्नेह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें मुंबई के अनेक पत्रकार, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिज्ञ मौजूद थे। कार्यक्रम के आरंभ में 26 नवंबर, 2008 को आतंकवादियों द्वारा मुंबई पर हुए हमले के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारियों हेमंत करकरे, विजय सालसकर, अशोक कामटे आदि को श्रद्धांजलि दी गई और उस हमले की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की चुनौतियों पर चर्चा की गई।

: मनपावृत्‍त स्‍नेह सम्‍मेलन में पत्रकारों ने उठाई आवाज : मुंबई से प्रकाशित मराठी दैनिक मनपावृत्त की ओर से 26 नवंबर को गोवंडी के शिवाजी नगर में पत्रकारों का एक स्नेह सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें मुंबई के अनेक पत्रकार, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता व राजनीतिज्ञ मौजूद थे। कार्यक्रम के आरंभ में 26 नवंबर, 2008 को आतंकवादियों द्वारा मुंबई पर हुए हमले के दौरान शहीद हुए पुलिस अधिकारियों हेमंत करकरे, विजय सालसकर, अशोक कामटे आदि को श्रद्धांजलि दी गई और उस हमले की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की चुनौतियों पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित भ्रष्टाचार निर्मूलन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रवीन्द्र द्विवेदी ने सभी पत्रकारों को स्वच्छ पत्रकारिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का जाल तेजी से फैल रहा है, जिस पर परदा डालने के लिए पिछले कुछ दिनों से मुंबई पुलिस अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने से भी नहीं हिचक रही है। भ्रष्टाचार का पोल खोलने वालों और किसी भी घटनाक्रम की वास्तविकता को उजागर करने वाले संपादकों, पत्रकारों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई हो रही है, जो समाज के विकास के लिए बाधक साबित हो रही है। 

मनपावृत्त के संपादक जयवंत दामगुड़े ने कहा कि सच्चाई लिखने वाले पत्रकारों के खिलाफ पुलिस झूठे मामले दर्ज कर रही है और पत्रकारों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्राइम रिपोर्टिंग करते समय किसी अपराधियों से बात करने का मतलब यह नहीं होता है कि उनकी सांठगांठ किसी अपराधी के साथ है। सम्मेलन में पत्रकारिता कोश के संपादक आफताब आलम ने सभी पत्रकारों को एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। राष्ट्रमित्र के संपादक ज्ञानेश्वर ठोंबरे, हिंद गौरव पत्रकार संघ के अमृतपाल सिंह, आरपीआई के मुंबई अध्यक्ष गौतम सोनावणे, गुन्हा खोज के मुख्य संपादक एम.जे. हुसैन, पत्रकार संजय वाघमारे, मोतीलाल चौधरी ने भी पत्रकारों पर हो रहे हमले की निंदा की और पुलिस प्रशासन को अपने अधिकारों का दुरुपयोग बंद करने की बात दोहराई।

कार्यक्रम में पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा, दोपहर का सामना के संवाददाता रवि निषाद, नरेश शर्मा, मुंबई चक्र के संपादक फरीद खान, मुंबई अमरदीप के संपादक उपेंद्र पंडित, पत्रकारवाणि के संपादक अनिल रोकड़े, प्रेस फोटोग्राफर सलीम खातिब, लोकगौरव के उदय पगारे, जनादेश चैनल के संवाददाता सुरेश पाटिल, बाबा साहेब मालवदे, वामन पानसरे, सुंदर पारेख, स्वर्णा भोसले, राजकुमार तिवारी, नासिर शेख, लक्ष्मण धोगे, संभाजी आत्यालकर, जगदीश खांडेकर, सतीश मिश्रा, संदीप कांबले, आदि सहित अनेक लोग मौजूद थे।

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