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प्रज्ञा में हंगामा खतम, कर्मियों को चेक मिलने के साथ चैनल भी खतम

सेंचुरी कम्‍युनिकेशन ने फाइनली प्रज्ञा चैनल पर ताला लगा दिया है. कल दिन भर चले हाइपर ड्राम में साम-दाम-दंड-भेद सबका इस्‍तेमाल कर प्रबंधन ने अपने तरीके से मामले को सुलटा लिया. सभी कर्मचारियों को एक महीने सत्रह दिन का पोस्‍ट डेट का चेक देकर विदा कर दिया गया. हालांकि इस दौरान काफी हंगामा हुआ पर कर्मचारियों में मौजूद विभीषणों के बल पर प्रबंधन के लोग मामला सलटाने में सफल रहे.

सेंचुरी कम्‍युनिकेशन ने फाइनली प्रज्ञा चैनल पर ताला लगा दिया है. कल दिन भर चले हाइपर ड्राम में साम-दाम-दंड-भेद सबका इस्‍तेमाल कर प्रबंधन ने अपने तरीके से मामले को सुलटा लिया. सभी कर्मचारियों को एक महीने सत्रह दिन का पोस्‍ट डेट का चेक देकर विदा कर दिया गया. हालांकि इस दौरान काफी हंगामा हुआ पर कर्मचारियों में मौजूद विभीषणों के बल पर प्रबंधन के लोग मामला सलटाने में सफल रहे.

प्रज्ञा चैनल के आफिस में कल दिन भर गरमागरमी का माहौल रहा. महुआ ग्रुप के सीईओ भूपेंद्र नारायण सिंह भूप्‍पी और ग्रुप हेड राणा यशवंत सिंह मामले को सुलझाने की कोशिश सुबह से ही शुरू कर दी थी, पर मामला बन नहीं पाया. बीच में भूप्‍पी में झूठ-सच बोलकर भी मामले को सुलटाना चाहा पर कर्मचारी नहीं माने, उन्‍हें धौंस भी दिखाया गया पर वे झुकने को तैयार नहीं थे. इसके बाद विभिषण की तलाश हुई. बताया जा रहा है कि स्‍टूडियो का एक कर्मचारी विभीषण बना और कर्मचारियों में फूट डालना शुरू किया. बताया जा रहा है कि उसने कहा जो मिल रहा है, ले लो, नहीं तो यह भी नहीं मिलेगा. इसी तरह की बातें कर वो धरनारत कर्मचारियों को मानसिक तौर पर तोड़ने लगा.

बताया जा रहा है कि कर्मचारी फरवरी माह तथा मार्च माह का पूरा सेलरी चाहते थे. वो भी करेंट डेट के चेक से, परन्‍तु प्रबंधन उन्‍हें करेंट डेट में चेक देने को तैयार नहीं था. मालकिन मौके पर ही नहीं गईं. बताया जा रहा है कि वो इंडिया वाले पुराने आफिस में बैठी रहीं और उनके सिपहसलार मामले को समझाते रहे. प्रबंधन ने कर्मचारियों को फरवरी का पूरा तथा मार्च का सत्रह दिन का वेतन देने को कहा, पर कर्मचारी तैयार नहीं हुए. तब भूप्‍पी ने वादा किया कि वो मीना तिवारी से कह कर तेरह दिन का भी दिलवा देंगे, पर बात नहीं बनने पर इन लोगों ने भेद वाला हथियार अपनाया और आखिर में सफल भी रहे.

कर्मचारियों को फरवरी माह का पूरा सेलरी 10 मार्च के डेट का तथा मार्च के सत्रह दिन की सेलरी दस अप्रैल के डेट का दिया गया. बताया जा रहा है कि जिस कर्मचारी ने विभीषण वाली भूमिका निभाई थी, उसे इस महीने की सेलरी के अलावा तीन महीने की अतिरिक्‍त सेलरी भी प्रदान की गई. बताया जा रहा है कि इस हंगामे के दौरान यह बात साफ हो गया कि महुआ ग्रुप घाटे में चल रहा है. एक कर्मचारी ने बताया कि दो दिन पहले कंपनी को फायदे में बताने वाले भूप्‍पी ने पैसा देने वाले दिन स्‍वीकार किया कि कंपनी की हालत खस्‍ता है. इसलिए वो और पैसे नहीं दे या दिलवा सकते हैं. इसके साथ ही प्रज्ञा टीवी पर फाइनली ताला लग गया.

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