देहरादून। रिटर्निंग ऑफिसरों (आरओ) के कक्ष में पत्रकारों और छायाकारों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिए जाने पर बवाल मच गया। पत्रकारों ने इसके विरोध में कलक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर पर प्रदर्शन किया और धरना दिया। डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी दिलीप जावलकर के उक्त प्रतिबंध को वापस लेने के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद पत्रकारों ने धरना-प्रदर्शन स्थगित किया।
पत्रकारों ने प्रतिबंधित वापस न होने की स्थिति में सोमवार को सभी प्रत्याशियों के नामांकन का बहिष्कार करते हुए राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) राधा रतूड़ी का घेराव करने की चेतावनी दी है। कलक्ट्रेट में डोईवाला, धर्मपुर, राजपुर रोड, मसूरी, रायपुर और देहरादून कैंट के प्रत्याशियों के नामांकन हो रहे हैं। पूर्व में कभी आरओ कक्ष में पत्रकारों, छायाकारों और इलेक्ट्रानिक मीडिया के कैमरामैनों का प्रवेश प्रतिबंधित नहीं रहा। लेकिन, इस बार आरओ के कक्ष में किसी भी प्रत्याशी के नामांकन के फोटोग्राफ लेने अथवा कवरेज करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। बीते रोज रोक-टोक के साथ इसकी शुरुआत आरओ मसूरी झरना कमठान के कक्ष से हुई, जिस पर पत्रकारों ने तब ही आपत्ति जता दी थी।
शनिवार को सभी आरओ के कक्ष में पत्रकारों-छायाकारों के प्रवेश पर यह प्रतिबंध लागू कर दिया गया। पूछे जाने पर सभी जगह जिला निर्वाचन अधिकारी के स्तर से इस तरह के आदेश मिलने की बात कही गई। इससे आक्रोशित तमाम पत्रकार-छायाकार और चैनलों से जुड़े मीडिया कर्मी विरोधस्वरूप जिला निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए और निर्वाचन मशीनरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। धरना-प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे जिला निर्वाचन अधिकारी जावलकर से प्रतिबंध हटाते हुए पूर्व के चुनावों जैसी ही व्यवस्था बहाल रखने की मांग को लेकर काफी जद्दोजहद हुई। बाद में जावलकर और एडीएम विनोद कुमार सुमन ने आगे से पत्रकारों-छायाकारों को कवरेज में किसी तरह की दिक्कत न होने देने का आश्वासन दिया, जिस पर धरना-प्रदर्शन स्थगित किया गया। साभार : अमर उजाला






