मध्य प्रदेश से प्रकाशित होने वाले शाम से अखबार प्रदेश टुडे को लेकर लोगों के मन में शंकाएं हो गई हैं। अखबार का ग्वालियर से एडीशन 31 जुलाई को शुरु होने वाला है। लेकिन भोपाल में प्रचार किया जा रहा है कि ग्वालियर एडीएशन की रीलांचिग की जा रही है। इसकी सूचना बाकायदा अखबार में विज्ञापन प्रकाशित करके दी गई है। ऐसे में लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि ग्वालियर एडीशन रीलांच हो रहा है या फिर उसकी ग्वालियर में लांचिंग हो रही है।
ग्वालियर में जो होर्डिंग लगाए गए हैं वे कह रहे हैं कि ग्वालियर में इसका लोकापर्ण किया जा रहा है पर भोपाल में कहा जा रहा है कि इसकी रीलांचिंग होने वाली है। ग्वालियर प्रदेश टुडे में वे सभी लोग एंट्री पा गए हैं जिन्हें या तो नईदुनिया से भगाया गया या फिर वे पिछलग्गू बनकर खुद ही भाग। संपादक से लेकर रिपोर्टर की टीम ऐसे लोगों से भरी पड़ी है। नईदुनिया के कुछ लोग वहां पार्ट टाइम नौकरी करने भी पहुंच गए हैं। यह बात नईदुनिया प्रबंधन के कानों तक पहुंच गई है। सबसे अहम बात यह है कि प्रदेश टुडे में अखबारों की समीक्षा का जो कालम छपता है, उसमें प्रदेश टुडे की टीम नईदुनिया के खिलाफ ही भड़ास निकलने में व्यस्त है। ऐसे में देखना यह है कि इनकी यह भड़ास कब तक पूरी होती है।





