: ब्यूरोचीफ पर हमला करने वाला पार्षद अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर : रायगढ़। "पत्रिका" के ब्यूरो चीफ प्रवीण त्रिपाठी पर हमला करने वाले भाजपा पार्षद आशीष ताम्रकार और साथियों का पुलिस रविवार को चौथे दिन भी सुराग नहीं लगा सकी है। इससे रायगढ़ समेत बिलासपुर-सरगुजा संभाग के पत्रकारों में रोष बढ़ने लगा है। पत्रकारों ने आरोपी पार्षद ताम्रकार की गिरफ्तारी के साथ-साथ अब उसे भाजपा से निष्कासित करने की मांग भी कर दी है।
रविवार को पत्रकारों ने काली पट्टी लगाकर काम किया और घोषणा की कि जब तक आरोपी पार्षद की गिरफ्तारी और भाजपा से निष्कासन नहीं हो जाता, काली पट्टी नहीं उतरेगी। पत्रकारों की रविवार को एक बार फिर पत्रकार भवन में बैठक हुई। इस बैठक में पार्षद की गिरफ्तारी और पार्टी से निष्कासन तक काली पट्टी लगाकर काम करने का फैसला लिया गया।
गौरतलब है कि पत्रकार पहले ही पार्षद पर कार्रवाई की मांग को लेकर सरकार की विकास यात्रा के विरोध की घोषणा कर चुके हैं। रविवार की बैठक में पत्रकार प्रमोद अग्रवाल, दिनेश मिश्रा, पुनीराम रजक, आनंद शर्मा, युवराज सिंह आजाद, विनय पांडेय, नंदकुमार पटेल, विवेक श्रीवास्तव, भूपेंद्र ठाकुर, शेख ताजिम, संतोष पुरसवानी, जगदीश, सजीव शर्मा, अनिल आहूजा आदि उपस्थित थे।
नहीं मिला सुराग : आरोपी पार्षद आशीष ताम्रकार की तलाश में भेजी जा रही पुलिस पार्टियां बिना सुराग के लौट रही हैं। अफसरों का दावा है कि गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पार्टियां कहां भेजी जा रही हैं, यह बताने से आरोपी फरार भी हो सकते हैं।
आज कैंडल मार्च : पत्रकार पार्षद आशीष ताम्रकार की गिरफ्तारी व निष्कासन की मांग को लेकर सोमवार की शाम कैंडल मार्च निकालेंगे। कैंडल लेकर पत्रकार पूरे शहर का भ्रमण करेंगे और लोगों को भाजपा की गहरी खामोशी से अवगत कराएंगे। यही नहीं, त्रिपाठी पर हुए हमले की शिकायत कांग्रेस नेताओं से भी की जाएगी।
कल से क्रमिक धरना : बैठक में इस बात की तीखी निंदा की गई कि हमलावर भाजपा पार्षदग को पार्टी से निष्कासित करने के बजाय जिला भाजपा राजनीति पर उतर गई है। पत्रकारों ने इस मुद्दे पर मंगलवार से क्रमिक धरना देने की घोषणा भी की है। साभार : पत्रिका






