नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि प्रसार भारती को मजबूत बनाने के लिए सालों से रिक्त पदों को भरा जाएगा। निजी चैनलों से प्रतिस्पर्धा के लिए दूरदर्शन एवं आकाशवाणी के कार्यक्रमों की गुणवत्ता में भी सुधार लाया जाएगा। इसी के साथ कर्मचारी संघों को नियमानुसार मान्यता भी दी जाएगी। सोनी ने राज्यसभा में प्रसार भारती संशोधन विधेयक-2010 पर चर्चा का जवाब देते हुए यह बात कही। इसी के साथ राज्यसभा ने इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया।
यह विधेयक अगस्त 2010 में राज्यसभा में पेश किया गया था। इस विधेयक में प्रसार भारती कानून 1990 की धारा 11 में नई धारा जोड़ी गयी है जिससे 2007 तक आकाशवाणी एवं दूरदर्शन में नियुक्त सभी कर्मचारी प्रसार भारती निगम के माने जाएंगे। यह पहली अप्रैल 2000 से या फिर उनकी नियुक्ति की तारीख से माना जाएगा। लेकिन धारा 11 भारतीय सूचना सेवा, केंद्रीय सचिवालय सेवा एवं अन्य सेवाओं के कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी। सोनी ने सांसदों की इन आशंकाओं को खारिज कर किया कि प्रसार भारती को बंद किया जाएगा। उन्होंने इस भ्रम का भी निराकरण किया कि डीडी उर्दू यानी दूरदर्शन का उर्दू चैनल बंद कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि अलबत्ता उर्दू चैनल को मजबूत बनाने के लिए 80 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं तथा डीडी कश्मीर के लिए 264 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा सीमावर्ती इलाके के चैनलों के लिए 110 करोड रुपए आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह पिछले ढाई वर्ष से प्रसार भारती में सुधार लाने के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी संघ कार्मिक विभाग द्वारा निर्धारित मानदंडों को पूरा करते हैं तो सरकार उन्हें मान्यता देगी और इसमें पूरी पारदर्शिता बरतेगी। इससे पहले केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री सीएम जतुआ ने बताया कि आकाशवाणी तथा दूरदर्शन में कुल 48173 पद निर्धारित है जिनमें 11498 पद खाली पड़े हैं। साभार : सहारा






