क्वालालंपुर। मलेशिया में कई चीनी अखबार गुरुवार को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस पर काली स्याही से रंगे रहे। अखबारों ने हाल ही में चुनावी सुधारों पर विपक्ष समर्थित रैली के दौरान पत्रकारों के खिलाफ हुई हिंसा पर इस तरह से विरोध व्यक्त किया। सिन च्यू डेली, नानयांग सिआंग पाउ, चाइना प्रेस, गुआंग मिंग डेली और ओरियंटल डेली ने अपने आमुख पृष्ठ पर काला और सफेद रंग पोत दिया ताकि पाठकों और अधिकारियों को अपने दायित्वों को अंजाम देते हुए पत्रकारों के सामने आने वाली चुनौतियों की याद दिलाई जा सके।
सिन च्यू डेली के प्रधान संपादक पूक अह लेक ने कहा कि अखबार ने ऐसा करने का फैसला इसलिए किया क्योंकि फोटोग्राफर्स सहित बहुत से मीडियाकर्मियों को रैली के दौरान पीटा गया। नानयांग सिआंग पाउ के प्रधान संपादक चोंग चूंग नैम को उम्मीद है कि अधिकारी इस बात का ध्यान रखेंगे कि मीडिया के लोगों को पुलिस सुरक्षा मिलनी चाहिए। इस बीच सूचना, संचार और संस्कृति मंत्रालय ने शनिवार की रैली की वीडियो रिकार्डिंग के प्रसारण को प्रोत्साहन दिया है ताकि जनता को घटनाक्रम की पूरी और यही जानकारी मिल सके। मंत्री रायस यतीम ने कहा कि मंत्रालय ने टेलीविजन केन्द्रों से कहा है कि वह रैली में भाग लेने वालों के व्यवहार की जानकारी जनता को देने के लिए रैली के दृश्य देखें।
उन्होंने कहा, ‘रैली में ऐसे लोग भी थे, जिन्होंने पुलिस की गश्ती कार के शीशे तोड़ डाले। उन लोगों को वीडियो देखना चाहिए। हालांकि ऐसे वीडियो भी हैं जिनमें पुलिसकर्मी खराब बर्ताव कर रहे हैं।’ गृह मंत्री हिशमुद्दीन हुसैन ने कहा कि शनिवार की रैली के दौरान पत्रकारों के खिलाफ पुलिस हिंसा के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र पैनल बनाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि कुछ पत्रकारों के साथ खराब व्यवहार किया गया।






