टैम की मीडिया रेटिंग को लेकर विवाद शुरू से ही रहा है. एनडीटीवी और प्रसार भारती जैसे बड़े ब्रांडकास्ट इस संस्था के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं. अबकी पलटवाल टैम ने किया है. टैम ने उसके द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की गलत प्रस्तुति करते हुए कई मौकों पर तमाम चैनलों द्वारा खुद को नम्बर वन कहने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने का मुद्दा उठाया है. खासकर बजट एवं चुनाव परिणामों के दौरान तमाम चैनल खुद को नम्बर एक बताते हैं.
टैम ने इस तरह के फर्जी आंकड़ेबाजी जारी करने को गंभीरता से लेते हुए एक स्टैंडर्ड मीडिया गाइडलाइन जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि टैम डाटा भारतीय टेलीविजन दर्शकों के व्यवहार को अच्छी तरह समझता है. पिछले कुछ समय में डाटा और आंकड़े जुटाने के तरीकों में काफी बदलाव आए हैं. ज्यादा से ज्यादा सैम्पल साइज मिल रहे हैं जिसका अधिक ज्योग्राफिक विश्लेषण किया जा रहा है. लेकिन तमाम चैनल डाटा का दुरुपयोग कर रहे हैं.
टैम ने चैनलों को गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि जब भी कोई चैनल अपने पोजिशन का दावा करे तो वह साफ तौर पर समय, दिन और मार्केट का भी जिक्र करे, ताकि लोगों को सही तथ्यों की जानकारी मिल सके. टैम का कहना है कि वे पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रहे हैं इसलिए इस तरह की गाइड लाइन जरूरी हो जाती है, क्योंकि पिछले कुछ समय में भारत टीवी इंडस्ट्री में यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है.






