झांसी में पुलिसिया साजिश के शिकार हुए आईबीएन7 से जुड़े शकील हाशमी को जमानत मिल गई है. जज ने शकील के अधिकवक्ता की दलील सुनने के बाद उन्हें जमानत दे दी. जबकि इसी मामले में उनके साथ गिरफ्तार किए गए दोनों अन्य पत्रकारों को कोर्ट ने जमानत नहीं दी. शकील 18 दिन बाद जेल से बाहर आए हैं. उल्लेखनीय है कि झांसी में आजतक के पत्रकार अमित श्रीवास्तव को फर्जी मामले में फंसाए जाने का विरोध कर रहे शकील को पुलिस साजिश के तहत अरेस्ट कर लिया था.
उल्लेखनीय है कि झांसी में आजतक के पत्रकार अमित श्रीवास्तव को फर्जी फंसाए जाने के विरोध में धरना दे रहे पत्रकारों पर दो अन्य पत्रकारों ने जानलेवा हमला किया गया. आरोप लगा कि इन दोनों ने पुलिस की शह पर पत्रकारों पर हमला तथा हवाई फायर किया. पुलिस ने आरोपी पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय दोनों पक्षों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करते हुए शकील को भी धोखे से अरेस्ट कर लिया. पुलिस ने हमला करने वाले आरोपी पत्रकार पवन झा तथा नासिर को भी अरेस्ट किया था.
पत्रकारों पर हमला तब किया गया जब वे झांसी के ईलाइट चौराहे पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब के अध्यक्ष शकील अली हाशमी के नेतृत्व में भूख हड़ताल कर रहे थे. इस दौरान लक्ष्मी नारायण शर्मा, संतोष पाठक, सत्तार खान, जावेद असलम, एस एस झा, मो. इमरान, तारिक इकबाल शीबू, नीरज जैन, अजय झां, संजय सिन्हा, प्रमेन्द्र कुमार वर्मा, संजय सिन्हा, विनोद सुडेले, संजय गुप्ता, नंदकिशोर नंदू, परवेज आलम, विकास शर्मा, मनीष श्रीवास्तव, हनीफ खान, सुरेन्द्र कुमार, विनोद गौतम, शेख शमीम, उमेश शर्मा समेत कई अन्य पत्रकार धरना और अनशन में शामिल थे. इस पूरे मामले में शिवपाल यादव के रिश्तेदार बताए जा रहे झांसी कोतवाली के प्रभारी दारोगा जेपी यादव की भूमिका मानी जा रही है.






